Meerut Highway: मेरठ-बहसूमा के बीच 2135 करोड़ रुपये की लागत से बने मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग-119 (नया एनएच-34) की स्थिति खराब होने लगी है. करीब 35 किलोमीटर का पहला हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन ग्रामीणों की ओर से हाईवे के किनारे कूड़ा और गोबर डालने के साथ गंदा पानी बहाने से सड़क और सर्विस रोड प्रभावित हो रही हैं. जलभराव के कारण कई जगह सड़क टूट भी गई है.
13 जगहों पर मिली गंदगी और जलभराव की समस्या
एनएचएआई ने हाईवे के किनारे ऐसी 13 जगहों को चिन्हित किया है, जहां कूड़े और गोबर के ढेर के साथ गंदा पानी बहाया जा रहा है. गांवों के नाले-नालियों का पानी हाईवे और सर्विस रोड पर पहुंच रहा है. कई जगह जलभराव की स्थिति बनने के बाद जेनसेट लगाकर पानी निकालना पड़ रहा है.
चेतावनी बोर्ड के नीचे भी लगा दिया कूड़ा
NHAI के परियोजना निदेशक साकेत मिश्रा ने 13 स्थानों के फोटोग्राफ और रिपोर्ट जिलाधिकारी, सीडीओ, एडीएम सिटी और जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजी है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है. एनएचएआई की ओर से लोगों को गंदगी न फैलाने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक कुछ जगह बोर्ड के नीचे ही कूड़े के ढेर लगा दिए गए.
सफाई और जागरूकता अभियान चलाने की मांग
परियोजना निदेशक ने ग्राम पंचायतों के स्तर पर कार्रवाई कराने के साथ लोगों को जागरूक करने की मांग की है. उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश के तहत मंडलायुक्त और अन्य स्थानीय अधिकारी हाईवे के किनारे से गंदगी हटाने और इस सिलसिले को रोकने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन समस्या अभी बनी हुई है.
पहले भी चल चुका है संयुक्त सफाई अभियान
जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व में भी इन गांवों में एनएचएआई के साथ संयुक्त सफाई अभियान चलाया गया था. उन्होंने कहा कि यदि दोबारा समस्या सामने आई है तो उसका सर्वे कराया जाएगा. इसके बाद संबंधित स्थानों पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
