UP News: उत्तर प्रदेश में पर्यटकों को आसान और किफायती परिवहन सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई बाइक कैब योजना आगरा में उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो पाई है. इसके विपरीत मथुरा में इस योजना को बेहतर प्रतिक्रिया मिली है. वर्तमान में आगरा में केवल 20 बाइक कैब संचालित हो रही हैं, जबकि मथुरा में इनकी संख्या 115 तक पहुंच चुकी है.
आगरा में नहीं बढ़ सकी योजना
पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों को आसानी से पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग ने बाइक कैब योजना शुरू की थी. इसका मकसद अकेले यात्रा करने वाले पर्यटकों को कम खर्च में तेज और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना था. हालांकि आगरा में योजना को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और इसका विस्तार सीमित ही रह गया.
प्रचार की कमी बनी बड़ी वजह
अधिकारियों का मानना है कि योजना का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण अधिक लोग इससे नहीं जुड़ सके. साथ ही बाइक कैब के लिए आवेदन भी कम आए, जिससे परमिट जारी होने की संख्या सीमित रही. यही कारण है कि आगरा की तुलना में मथुरा इस योजना में काफी आगे निकल गया.
अन्य जिलों में अभी सुविधा नहीं
आगरा मंडल के फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों में अभी बाइक कैब सेवा शुरू नहीं हो सकी है. परिवहन विभाग का मानना है कि यदि अधिक लोग इस योजना से जुड़ते हैं तो पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी.
पिंक ऑटो योजना भी नहीं हो सकी सफल
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला चालकों के लिए पिंक ऑटो योजना भी शुरू की गई थी. इस योजना में महिला चालक पर्यटकों को गंतव्य तक पहुंचाने के साथ गाइड की भूमिका भी निभाने वाली थीं. हालांकि पर्याप्त पहल और आवेदन नहीं मिलने के कारण यह योजना भी आगे नहीं बढ़ सकी.
क्या बोले अधिकारी
एआरटीओ (प्रशासन) विनय कुमार सिंह ने बताया कि बाइक कैब के लिए आवेदन मिलने पर परमिट जारी किए जाते हैं. फिलहाल आवेदन कम आने के कारण संख्या नहीं बढ़ पाई है. उन्होंने कहा कि भविष्य में योजना को अधिक लोगों तक पहुंचाने और आवेदन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे.
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