UP News: लखनऊ में कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास घेरने की कोशिश की. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में लाठी लेकर सीएम आवास की ओर बढ़े, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई.
पुलिस ने तीन रास्तों पर की चार लेयर बैरिकेडिंग
कांग्रेस और सपा के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मुख्यमंत्री आवास जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी. तीन प्रमुख मार्गों पर चार लेयर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते रहे, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई. कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में लाठी लेकर प्रदर्शन किया और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर भाजपा कार्यकर्ता उनके कार्यालय का घेराव करने आएंगे तो उन्हें उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत को लेकर भी बयान दिया.
भाजपा के प्रदर्शन के जवाब में कांग्रेस का प्रदर्शन
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास धरना-प्रदर्शन किया था. इसके बाद भाजपा ने लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में बैठक हुई और सीएम आवास घेरने की रणनीति बनाई गई. कांग्रेस कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के गेट पर ही बैरिकेडिंग कर दी, जिसके बाद कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे.
छात्रों के अधिकार और संविधान का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता अहमद रजा भी प्रदर्शन में पोस्टर लेकर पहुंचे. पोस्टर पर दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की तस्वीर लगी थी और लिखा था- "आओ स्वागत है, छात्रों के अधिकारों पर बात करेंगे." अहमद रजा ने कहा कि भाजपा अगर कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन करने आती है तो पार्टी कार्यकर्ता छात्रों के अधिकारों और संविधान के मुद्दे पर बात करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवाद नहीं करना चाहती है. कांग्रेस और सपा का कहना है कि राहुल गांधी भी छात्रों के अधिकारों को लेकर ही प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन करने पहुंचे थे.
Must Read- शारदा-घाघरा नदी का रौद्र रूप, सड़कों तक पहुंचे मगरमच्छ, बाढ़ से गांवों का संपर्क टूटा
