500 रुपये दीजिए और लाइसेंस ले जाइए! सिर्फ 60 मिनट में 100 गाड़ियों की फिटनेस जारी पर छिड़ी बहस

UP News: कानपुर RTO में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन फिटनेस प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. आरोप है कि 500 रुपये लेकर बिना ड्राइविंग टेस्ट के लाइसेंस और 60 मिनट में 100 गाड़ियों की . फिटनेस जारी की जाती थी. मामले की जांच जारी है.

UP News: कानपुर RTO से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है. सेवानिवृत्त एआरटीओ पर ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन फिटनेस प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं. शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है. आरोप है कि कुछ लोगों को बिना ड्राइविंग टेस्ट लाइसेंस जारी किए गए, जबकि कई वाहनों की फिटनेस जांच भी तय प्रक्रिया के बिना कर दी गई. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी.

कानपुर RTO पर गंभीर आरोप

कानपुर के गांधीनगर की एक सामाजिक संस्था ने केंद्रीय सतर्कता आयोग और परिवहन आयुक्त से शिकायत की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2016 से 2019 के बीच कानपुर RTO में तैनात रहे सेवानिवृत्त एआरटीओ ललित कुमार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और हर महीने करोड़ों रुपये की अवैध कमाई का खेल चलता रहा.

बिना ड्राइविंग टेस्ट लाइसेंस देने का आरोप

शिकायत के अनुसार उस समय रोज करीब 300 लोगों का ड्राइविंग टेस्ट स्लॉट बुक होता था, लेकिन केवल 10 से 15 प्रतिशत आवेदक ही वास्तविक टेस्ट देते थे. आरोप है कि बाकी लोगों से करीब 500 रुपये लेकर बिना ड्राइविंग टेस्ट के ही लाइसेंस जारी कर दिए जाते थे. यदि जांच में यह आरोप सही साबित होता है, तो यह सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जाएगा.

60 मिनट में 100 वाहनों की फिटनेस

शिकायत में यह भी कहा गया है कि RTO कार्यालय में एक घंटे के भीतर 100 से ज्यादा वाहनों की फिटनेस जांच पूरी कर दी जाती थी. यानी एक वाहन की जांच के लिए एक मिनट से भी कम समय मिलता था. आरोप है कि कुछ मामलों में वाहन को कार्यालय लाए बिना ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए.

35 करोड़ रुपये की संपत्ति की भी जांच

मामले की जांच के दौरान 35 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज सामने आने की बात भी कही जा रही है. विजिलेंस और भ्रष्टाचार निवारण संगठन अब उस अवधि में जारी किए गए ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाणपत्रों की जांच कर रहे हैं.

जांच जारी,अभी आरोप साबित नहीं

फिलहाल इस मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर हैं. अंतिम सच्चाई जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं और यदि हुआ तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

- खुशबू कुमारी की रिपोर्ट

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Published by: Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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