UP News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बनने वाले अलीगढ़-मुरादाबाद हाईस्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. इस परियोजना के लिए चिन्हित 10 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी कामों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. यह रोक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी.
जमीन से जुड़े सभी कामों पर लगी रोक
एनएचएआई की थ्री-ए (3A) अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी बदलावों पर रोक लगा दी गई है. जिला प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. यह रोक भूमि अधिग्रहण पूरा होने तक जारी रहेगी.
किसानों को मिलेगा तय नियमों के अनुसार मुआवजा
जिला प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत की जाएगी. इसके लिए जमीन का सर्वे, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी. अधिकारियों के अनुसार प्रभावित किसानों को सरकार की नीति के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा. इस संबंध में एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार की ओर से थ्री-ए अधिसूचना जारी की गई है.
इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
गभाना तहसील के सुमेरा दरियापुर, औरिहा, तेजपुर, पिलौना और फरीदपुर समेत कुल 10 गांव इस परियोजना में शामिल हैं. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक इन गांवों में जमीन से जुड़े किसी भी तरह के राजस्व संबंधी बदलाव नहीं किए जा सकेंगे.
हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए शुरू हुई प्रक्रिया
अलीगढ़ से मुरादाबाद के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसी के तहत परियोजना से प्रभावित 10 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी बदलावों पर रोक लगाई गई है. परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है.
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