UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान छात्राओं के बुर्का और नकाब पहनकर डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है. वायरल वीडियो में कुछ छात्राएं स्कूल के मंच पर बुर्का पहनकर भोजपुरी और हिंदी फिल्मी गीतों पर प्रस्तुति देती नजर आ रही हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और विभिन्न वर्गों की ओर से जांच और कार्रवाई की मांग उठने लगी. इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल की जांच कराई, जिसमें विद्यालय के बिना मान्यता संचालित होने की बात सामने आई. इसके बाद प्रशासन ने स्कूल को सील कर दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बुर्का डांस का वीडियो
मामला गोंडा जिले के खोण्डारे थाना क्षेत्र स्थित नॉलेज बीम एकेडमी स्कूल का बताया जा रहा है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुछ छात्राओं ने मंच पर बुर्का और नकाब पहनकर प्रस्तुति दी थी. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई लोगों ने कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की. बताया गया कि प्रस्तुति देने वाली छात्राएं हिंदू समुदाय से संबंधित थीं. इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर और अधिक चर्चा में आ गया.
बेसिक शिक्षा विभाग ने कराई जांच, बिना मान्यता चल रहा था स्कूल
वीडियो वायरल होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियाज अहमद को जांच के निर्देश दिए. जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हो रहा था. अधिकारियों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन को करीब एक सप्ताह पहले भी विद्यालय का संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद स्कूल का संचालन जारी रहा.
स्कूल परिसर को किया गया सील
जांच में अनियमितता मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की. विभाग ने स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य कार्यालय को बंद कराया. इसके बाद विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर स्कूल परिसर को सील कर दिया गया. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियाज अहमद ने बताया कि कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई है.
छात्रों को नजदीकी मान्यता प्राप्त स्कूलों में मिलेगा प्रवेश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि संबंधित विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें नजदीकी सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
स्कूल प्रबंधन ने वीडियो जारी कर मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद स्कूल के प्रबंधक राम सुरेश ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माफी मांगी थी. उन्होंने कहा था कि कुछ लड़कियों ने बुर्का और नकाब पहनकर डांस किया था और इनमें कोई मुस्लिम बच्ची नहीं थी, बल्कि सभी हिंदू लड़कियां थीं. राम सुरेश ने कहा था कि यदि इससे किसी समुदाय या किसी मुस्लिम भाई को ठेस पहुंची है या दुख और तकलीफ हुई है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं. उन्होंने कहा था कि कार्यक्रम का मकसद केवल मनोरंजन था और बच्चियों का उद्देश्य भी मनोरंजन करना था. साथ ही उन्होंने भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा नहीं होने का भरोसा देते हुए इसके लिए माफी मांगी थी.
