UP Electricity News: उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी की दर में करीब 18 फीसदी की कमी आने के बावजूद कई फीडरों पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. प्रदेश के कुछ फीडरों में बिजली चोरी की दर 77 फीसदी तक दर्ज की गई है. इससे पावर कॉर्पोरेशन को हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में बिजली चोरी के ये आंकड़े सामने आने के बाद प्रदेश के 50 सर्वाधिक चोरी वाले फीडरों को चिह्नित किया गया है. इनसे जुड़े अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और अधिक चोरी वाले फीडरों से जुड़े अभियंताओं की संपत्ति की जांच कराने की भी तैयारी है.
50 सर्वाधिक चोरी वाले फीडर चिह्नित
बिजली चोरी रोकने के लिए प्रदेश के 50 सर्वाधिक चोरी वाले फीडरों को चिह्नित किया गया है. प्रत्येक विद्युत वितरण निगम से 10-10 सबसे ज्यादा चोरी वाले फीडर चुने गए हैं. इन फीडरों पर बिजली चोरी के कारणों की जांच की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी है. इन फीडरों से जुड़े अवर अभियंता, सहायक अभियंता, उपखंड अधिकारी और अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
गाजीपुर के फीडर में 77.17 फीसदी बिजली चोरी
रिपोर्ट के मुताबिक, गाजीपुर के नंदगंज फीडर में सबसे ज्यादा 77.17 फीसदी बिजली चोरी दर्ज की गई है. वाराणसी के अनेई फीडर में 75.53 फीसदी, प्रतापगढ़ जोन के गढ़वारा फीडर में 74.86 फीसदी, गोरखपुर के भटनी फीडर में 72.76 फीसदी और चैनपुर फीडर में 71.98 फीसदी बिजली चोरी सामने आई है. मऊ के करहन फीडर में बिजली चोरी की दर 54.58 फीसदी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, कई अन्य फीडरों की स्थिति भी ऐसी ही है.
एक फीडर से हर महीने 14.70 करोड़ का राजस्व नुकसान
राजस्व नुकसान के मामले में बैरिया के दुबहर फीडर से हर महीने करीब 14.70 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है. बिजली चोरी रोकने के लिए चिह्नित फीडरों से जुड़े अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा. जहां अधिक बिजली चोरी के मामले में अभियंताओं की जिम्मेदारी सामने आएगी, वहां उनकी संपत्ति की जांच कराने की तैयारी भी है.
हर दिन होगी फीडरों की निगरानी
चिह्नित 50 फीडरों की अब हर दिन समीक्षा की जाएगी. इस दौरान आपूर्ति, बिलिंग, मीटरिंग, बकाया वसूली, राजस्व संग्रह और तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों की निगरानी होगी. पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि शत-प्रतिशत बिजली चोरी रोकने और राजस्व हानि कम करने की रणनीति अपनाई गई है. अधिकतम चोरी वाले फीडरों को चिह्नित कर चोरी के कारणों का पता लगाया जा रहा है. जहां अभियंता दोषी पाए जाएंगे, वहां उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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