UP News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संसद परिसर में धरना शुरू कर दिया है. सोमवार रात से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास बैठे चंद्रशेखर ने कहा कि जब तक घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा. चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं ने उन्हें गहराई से आहत किया है. उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कई छात्राओं ने भी पुलिस पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं.
वीडियो देखने के बाद धरने का लिया फैसला
सांसद ने बताया कि दिनभर संसद की कार्यवाही और अन्य व्यस्तताओं के कारण उन्हें पूरी जानकारी नहीं मिल सकी. रात में पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखने के बाद उन्होंने तुरंत संसद परिसर में धरने पर बैठने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि युवाओं के संघर्ष के समय चुप रहना उचित नहीं होता और जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका साथ देना उनकी जिम्मेदारी है.
जलियांवाला बाग कांड से की तुलना
चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने जलियांवाला बाग की घटना नहीं देखी, लेकिन जंतर-मंतर पर जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय की याद दिला दी. उनका कहना था कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसका जवाब बल प्रयोग से नहीं दिया जाना चाहिए.
आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ
सांसद ने कहा कि यह मुद्दा अभी समाप्त नहीं हुआ है और युवाओं का आंदोलन भी जारी रहेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह संसद से लेकर सड़क तक युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे. उनके अनुसार, यह लड़ाई केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकार और भविष्य से जुड़ा विषय है.
दिल्ली पुलिस और युवाओं से अलग-अलग अपील
चंद्रशेखर आजाद ने दिल्ली पुलिस से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ कानून के दायरे में रहकर व्यवहार किया जाए. उन्होंने कहा कि ये युवा देश का भविष्य हैं और उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए. वहीं, उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं से भी शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह या उकसावे में न आने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखना ही सबसे मजबूत रास्ता है.
कार्रवाई होने तक जारी रहेगा धरना
चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया कि जब तक जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए वह लगातार आवाज उठाते रहेंगे.
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