UP News: दिल्ली-एनसीआर में लगातार करीब 20 घंटे हुई बारिश के बाद नोएडा के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई. मुख्य सड़कें, सर्विस लेन, चौराहे, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्र पानी में डूब गए. जगह-जगह लंबा जाम लगा रहा, कई वाहन पानी में बंद हो गए और लोगों को कमर तक पानी में उतरकर आवाजाही करनी पड़ी. इन हालात के बीच नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
शहर के कई हिस्सों का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान शालिनी सिंह ने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने कई स्थानों पर नालियों को ओवरफ्लो होते देखा, जबकि कुछ जगहों पर खुले नालों में बिजली के तार पड़े मिले. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. वहीं, कई औद्योगिक इकाइयों में बारिश का पानी घुसने से लाखों रुपये के नुकसान की भी जानकारी सामने आई.
बारिश के बीच चल रही थी नालों की सफाई
दौरे के दौरान यह भी देखा गया कि जिन नालों की सफाई मानसून शुरू होने से पहले पूरी हो जानी चाहिए थी, उनकी सफाई बारिश के बीच भारी मशीनों से कराई जा रही थी. शालिनी सिंह ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि समय रहते तैयारियां पूरी कर ली जातीं तो शहरवासियों को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग
शालिनी सिंह ने कहा कि हर साल नालों की सफाई, सीवर व्यवस्था और जल निकासी पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर की व्यवस्था चरमरा जाती है. उनके अनुसार यह गंभीर लापरवाही, निगरानी की कमी और कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि केवल ठेकेदारों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए.
'हर मानसून में सामने आ जाती है हकीकत'
उन्होंने कहा कि नोएडा को प्रदेश की 'शो विंडो' माना जाता है, लेकिन हर मानसून में जलभराव की तस्वीरें शहर की तैयारियों की पोल खोल देती हैं. यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता जाएगा. उनका कहना है कि शहर को स्थायी समाधान की जरूरत है, ताकि हर बारिश में लोगों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े.
-कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
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