UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिला प्रशासन के निर्देश के बाद 15 एडीओ पंचायत और करीब 150 पंचायत सचिवों का जुलाई माह का वेतन रोक दिया गया है. इसके साथ ही निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आयुष्मान कार्ड नहीं बनाने वाले पंचायत सहायकों का मानदेय भी अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं.
समीक्षा बैठक में सामने आई सुस्ती
शुक्रवार को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कमल किशोर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय कार्यों की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान पाया गया कि अधिकांश विकासखंडों में आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है. इस पर डीपीआरओ ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक अपेक्षित प्रगति नहीं होती, तब तक संबंधित पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों का वेतन एवं मानदेय जारी नहीं किया जाएगा.
अन्य योजनाओं को लेकर भी दिए गए निर्देश
बैठक में ग्राम पंचायतों के पूलिंग खाते में लंबित धनराशि को शत-प्रतिशत जमा कराने के निर्देश भी दिए गए. इसके अलावा मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया गया. ग्राम पंचायतों में नियमित साफ-सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग और पौधरोपण अभियान को तेज करने के भी निर्देश जारी किए गए.
इन अधिकारियों की रोकी गई जुलाई की सैलरी
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिन 15 एडीओ पंचायतों का जुलाई माह का वेतन रोका गया है, उनमें शशांक सक्सेना, मनीष अग्रवाल, अभय कुमार आर्य, महेश कुमार, वीरपाल सिंह, संजीव कुमार पाराशरी, ख्वाजा अहमद, रविकांत यादव, आशीष भटनागर, राजीव शर्मा, लोकमन सिंह, हरिशंकर भारतीय, संजय दीक्षित, शिखर गुप्ता और करन सिंह शामिल हैं. प्रशासन का कहना है कि आयुष्मान कार्ड बनाने के अभियान में अपेक्षित प्रगति होने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी.
-कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
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