UP News: जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है. उन्होंने कहा कि छात्रों के लगातार आंदोलन और विपक्ष के दबाव के आगे आखिरकार भाजपा सरकार को झुकना पड़ा. अखिलेश ने इसे लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई युवाओं की आवाज की जीत करार दिया.
युवाओं के आंदोलन के समर्थन में उतरी थी सपा
छात्रों के आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी लगातार उनके समर्थन में नजर आई. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से छात्रों की मांगों का समर्थन किया, वहीं सांसद डिंपल यादव ने भी संसद और अन्य मंचों पर छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाया. पार्टी नेताओं ने आंदोलन के दौरान युवाओं के साथ खड़े होकर सरकार से जल्द समाधान की मांग की थी.
'भाजपा को झुकना पड़ा'
अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं का आंदोलन इतना व्यापक हो गया था कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा को भी अपना फैसला बदलना पड़ा. उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक दल की नहीं, बल्कि देश के युवाओं की जीत है, जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की और सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर किया.
विपक्ष ने लगातार बनाए रखा दबाव
समाजवादी पार्टी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इस पूरे मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरा. संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया और शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा. सपा नेताओं का कहना है कि युवाओं के हित से जुड़े मामलों में सरकार को समय रहते संवेदनशील फैसला लेना चाहिए.
किशोरी लाल शर्मा ने भी फैसले का किया स्वागत
अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन और विपक्ष की आवाज की जीत बताया. उन्होंने कहा कि यदि सरकार पहले ही यह फैसला ले लेती तो आंदोलन के दौरान छात्रों को परेशानियों और चोटों का सामना नहीं करना पड़ता. शर्मा ने इसे "देर आए, दुरुस्त आए" वाला फैसला बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को आखिरकार स्वीकार किया गया.
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