UP News: उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और राष्ट्रीय राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है. आगरा के टेढ़ी बगिया से एटा के नूंहखास तक प्रस्तावित 51.6 किलोमीटर लंबे एनएच-321जी के निर्माण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट से पेड़ कटान की अनुमति मिलने के बाद साफ हो गया है. 685.51 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है. अब वन विभाग से स्टेज-2 क्लीयरेंस मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है.
सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद बढ़ी रफ्तार
आगरा-एटा को जोड़ने वाले एनएच-321जी परियोजना की तकनीकी निविदा 16 जुलाई को खोली जा चुकी है. हालांकि, ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से पेड़ कटान की अनुमति मिलने के बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है. अब वन विभाग में स्टेज-2 क्लीयरेंस के लिए आवेदन किया जाएगा.
पहले भी टेंडर हुए, लेकिन अटका रहा प्रोजेक्ट
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, इस परियोजना की वित्तीय निविदा मार्च 2024 में खोली गई थी, जिसे सड़क परिवहन मंत्रालय ने अगस्त 2025 में निरस्त कर दिया था. इसके बाद फरवरी 2026 में नए सिरे से टेंडर जारी किए गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका. फिलहाल परियोजना की भौतिक प्रगति शून्य है, इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल ने तैयार की है.
भूमि अधिग्रहण पूरा, इन गांवों से गुजरेगा हाईवे
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है. आगरा जिले के 7 गांवों की जमीन अधिग्रहीत कर 22.36 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है. वहीं, एटा जिले के 13 गांवों में 20.24 करोड़ रुपये के मुआवजे में से 16.85 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष 3.39 करोड़ रुपये भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से वितरित किए जाएंगे. वन विभाग की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद एनएच-321जी के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है.
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