UP News: आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे के दूसरे पैकेज के 37 किलोमीटर हिस्से पर काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. ताज ट्रैपेजियम जोन (टीटीजेड) में आने के कारण इस हिस्से के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी थी. अनुमति मिलने के बाद सितंबर से इस पैकेज पर काम शुरू होने की उम्मीद है.
37 किमी हिस्से पर अटका था काम
आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे की कुल लंबाई 65 किलोमीटर है और परियोजना की लागत करीब 820 करोड़ रुपये है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसे दो पैकेज में मंजूर किया था. पहले 28 किलोमीटर लंबे पैकेज पर करीब दो महीने से काम चल रहा है, जबकि 37 किलोमीटर लंबा दूसरा पैकेज टीटीजेड क्षेत्र में होने के कारण सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के इंतजार में था.
पूरब-पश्चिम कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
इस हाईवे के बनने से स्थानीय लोगों के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान होगी. इससे उत्तर प्रदेश में पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाली सड़क कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
आगरा-चंदौसी-मुरादाबाद हाईवे भी होगा फोरलेन
इसके साथ ही आगरा-चंदौसी-मुरादाबाद हाईवे को दो लेन से बढ़ाकर फोरलेन करने की तैयारी चल रही है. करीब 107 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है और परियोजना को लेकर उच्च स्तर पर सहमति बन चुकी है.
मुरादाबाद-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे का भी अध्ययन
मुरादाबाद-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेसवे को लेकर भी फिजिबिलिटी अध्ययन कराया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना को भी स्थानीय विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
