UP News: लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र में स्थित पार्थ इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. के चार पूर्व अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी को 59 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है. कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
92 लाख का फ्लैट 59 लाख में आवंटित करने का आरोप
कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी नीरज सिंह के अनुसार, वर्ष 2023 में सावेज आलम, राहुल गुप्ता, मनीष कुमार और अजय कुमार कंपनी में अलग-अलग पदों पर कार्यरत थे. आरोप है कि 12 जून 2023 को सावेज आलम ने बिना सक्षम स्वीकृति के पार्थ आद्यान्त फेस-1 स्थित 92 लाख रुपये का फ्लैट शशिकांत पांडेय के नाम 59 लाख रुपये में आवंटित कर दिया.
फर्जी दस्तावेज और अनधिकृत संशोधन का आरोप
शिकायत के मुताबिक, फ्लैट की रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई गई. इसके बाद 7 जुलाई 2023 को फ्लैट की कीमत में अनधिकृत संशोधन किया गया और छुट्टी पर चल रहे तत्कालीन वीपी (ऑपरेशंस) विक्रम शुक्ला की आईडी का इस्तेमाल कर संशोधन को मंजूरी भी दिला दी गई. आरोप है कि इस पूरे मामले में सावेज आलम का साथ राहुल, मनीष और अजय ने दिया, जिसके बाद सभी ने नौकरी छोड़ दी.
कब्जे की कोशिश के बाद खुला मामला
कंपनी को कथित गड़बड़ी की जानकारी 13 फरवरी को तब हुई, जब शशिकांत पांडेय फ्लैट पर कब्जा लेने पहुंचा. बाद में 23 मई को दोबारा कब्जे की कोशिश के दौरान प्रोजेक्ट हेड रवि कुमार तिवारी ने विरोध किया तो उन्हें कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई. इसके बाद कंपनी ने विभूतिखंड थाने में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का रुख किया.
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
विभूतिखंड थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सावेज आलम, राहुल गुप्ता, मनीष कुमार, अजय कुमार और शशिकांत पांडेय के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्य मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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