UP Weather: मानसून ने समेटा अपना बोरिया-बिस्तर! यूपी से विदाई के संकेत, अब बढ़ेगी गर्मी-उमस, जानें कब तक बदलेगा मौसम

UP Monsoon: उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कम होने लगी हैं. सितंबर के अंत तक मानसून की विदाई की संभावना है, जिसके बाद उमस और गर्मी बढ़ सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है.

UP Monsoon: उत्तर प्रदेश में बारिश के मौसम का दौर अब धीरे-धीरे अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है. सितंबर का आधा महीना पूरा होने से पहले ही प्रदेश के मौसम में बदलाव के संकेत दिखने लगे हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 11 सितंबर के बाद यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के लिए अगले कई दिनों में कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. ऐसे में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के साथ मानसून की विदाई की चर्चा तेज हो गई है.

बारिश थमेगी तो बढ़ेगी उमस, फिर खिल सकती है धूप

मानसून कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश में कई जगहों पर बारिश की गतिविधियां घट सकती हैं. इसके बाद दिन में धूप और उमस का असर बढ़ने की संभावना रहती है. खासकर मध्य और मैदानी इलाकों में मौसम में यह बदलाव ज्यादा महसूस हो सकता है. हालांकि, मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि यूपी में बारिश पूरी तरह खत्म हो जाएगी. स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कहीं-कहीं छिटपुट बारिश या गरज-चमक जारी रह सकती है.

मानसून की विदाई ऐसे तय करता है मौसम विभाग

IMD के मुताबिक मानसून की वापसी सिर्फ बारिश रुकने से घोषित नहीं की जाती. इसके लिए किसी क्षेत्र में लगातार करीब पांच दिन तक बारिश की गतिविधि का समाप्त होना, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोन का बनना और वातावरण में नमी का पर्याप्त कम होना जैसे संकेत देखे जाते हैं.

यूपी में कब तक पूरी तरह विदा होगा मानसून?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि उत्तर प्रदेश से मानसून की पूरी विदाई कब होगी. सामान्य तौर पर सितंबर के दूसरे पखवाड़े में उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी आगे बढ़ती है, लेकिन वास्तविक तारीख हर साल मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करती है. इसलिए अभी किसी एक तारीख को अंतिम विदाई की तारीख मानना सही नहीं होगा.

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By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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