UP Politics: उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वहां सिर्फ ‘यादव जी और खान साहब’ की जरूरत है. उन्होंने अखिलेश के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें सरकार बनने पर सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी और बौद्ध स्थलों को विश्वस्तरीय बनाने की बात कही गई थी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर साधा निशाना
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि वह एसी कमरे में बैठकर अपने पसंदीदा यूट्यूबर्स के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं. राजभर के मुताबिक, अगर कोई पत्रकार कठिन सवाल पूछता है तो अखिलेश यादव ‘मिश्रा जी-मिश्रा जी’ करने लगते हैं. इसी को लेकर उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ ‘यादव जी और खान साहब’ ही चाहिए.
सम्राट अशोक के बयान पर घेरा
राजभर ने अखिलेश यादव की पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर सम्राट अशोक की जयंती पर अवकाश घोषित करने और बौद्ध स्थलों को विश्वस्तरीय बनाने की बात कही थी. राजभर ने इसी मुद्दे को लेकर अखिलेश के पिछले कार्यकाल पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कामों के बारे में भी बताना चाहिए था.
जिलों के नाम बदलने का लगाया आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के सत्ता में रहने के दौरान बहुजन महापुरुषों के नाम पर रखे गए कई जिलों और संस्थानों के नाम बदल दिए गए. उन्होंने भीम नगर, फुले नगर, कांशीराम नगर, रमाबाई नगर और संत रविदास नगर का नाम लेते हुए यह आरोप लगाया. राजभर ने यह भी दावा किया कि डॉ. आंबेडकर के नाम से जुड़ी योजनाओं को भी हटाया गया.
आजम खान को लेकर अखिलेश से पूछा सवाल
राजभर ने आजम खान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव से सवाल किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव मंच पर बैठे थे, तब आजम खान ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का मजाक उड़ाया था. राजभर ने सवाल किया कि उस समय अखिलेश यादव किस स्थिति में थे और उन्होंने इस पर क्या किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इस सवाल का जवाब मांग रहा है और अखिलेश यादव को इसका जवाब देना चाहिए.
