सितंबर में सरकारी कर्मचारियों की मौज: UP में कितने दिन बंद रहेंगे दफ्तर, सामने आई छुट्टियों की पूरी लिस्ट

UP News: सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों के लिए छुट्टियों की जानकारी आ गई है. कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सरकारी दफ्तरों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा. जानिए पूरी लिस्ट.

UP News: अगस्त खत्म होने के बाद अब सितंबर 2026 शुरू होने वाला है. ऐसे में सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों की नजर इस बात पर है कि सितंबर में उत्तर प्रदेश के सरकारी दफ्तर कितने दिन बंद रहेंगे. उपलब्ध 2026 की अवकाश सूची के मुताबिक सितंबर में यूपी के सरकारी कार्यालयों के लिए एक प्रमुख सार्वजनिक अवकाश है—4 सितंबर, शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी.

4 सितंबर को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर

4 सितंबर 2026, शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का अवकाश रहेगा. यूपी की 2026 सार्वजनिक अवकाश सूची में यह तारीख दर्ज है. यानी सितंबर महीने में त्योहार के कारण एक दिन सरकारी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा.

शनिवार-रविवार का भी रखें ध्यान

अगर आपके कार्यालय में सामान्य रूप से शनिवार-रविवार की छुट्टी रहती है, तो सितंबर में पड़ने वाले साप्ताहिक अवकाश अलग से होंगे. सितंबर 2026 में रविवार 6, 13, 20 और 27 सितंबर को पड़ेंगे. हालांकि, दूसरे और चौथे शनिवार की व्यवस्था को सरकारी दफ्तरों और बैंकों की छुट्टियों के साथ एक जैसा नहीं मानना चाहिए. बैंकों के लिए 12 और 26 सितंबर को दूसरा और चौथा शनिवार अवकाश है, लेकिन सरकारी कार्यालयों की छुट्टी की गणना अलग नियमों के तहत होती है.

17 और 25 सितंबर की छुट्टी का क्या है मामला?

कुछ ऑनलाइन छुट्टी कैलेंडरों में 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा और 25 सितंबर अनंत चतुर्दशी का उल्लेख मिलता है, लेकिन इन्हें यूपी सरकार के सार्वजनिक/राजपत्रित अवकाश के रूप में नहीं गिना जाना चाहिए. कुछ सूचियां इन्हें प्रतिबंधित/क्षेत्रीय अवकाश की श्रेणी में दिखाती हैं. इसलिए सरकारी दफ्तरों के लिए सितंबर की मुख्य राजपत्रित छुट्टी 4 सितंबर जन्माष्टमी है.

कर्मचारियों के लिए क्या मतलब?

सितंबर में कोई लंबा त्योहार वाला अवकाश नहीं बन रहा है. 4 सितंबर को जन्माष्टमी के कारण कार्यालय बंद रहेंगे, जबकि बाकी दिनों में सामान्य सरकारी कार्यालय अपने निर्धारित कार्यदिवस के अनुसार संचालित होंगे. यानी सितंबर 2026 में यूपी के सरकारी दफ्तरों के लिए त्योहार के नाम पर सिर्फ एक प्रमुख सार्वजनिक अवकाश है. हालांकि किसी विभाग, जिले या संस्थान की ओर से स्थानीय स्तर पर अलग आदेश जारी हो सकता है, इसलिए विशेष विभागीय अवकाश के लिए संबंधित कार्यालय का आदेश देखना जरूरी है.

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By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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