UP Free Seed Scheme: उत्तर प्रदेश में किसानों को अनुदानित और निश्शुल्क बीज उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई है. अब इन बीजों का वितरण ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पहले से बीज की बुकिंग करानी होगी.
बुकिंग नहीं की तो छूट सकता है मौका
कृषि विभाग ने किसानों से जल्द से जल्द पोर्टल पर बुकिंग कराने की अपील की है. जो किसान अभी तक बुकिंग नहीं करा पाए हैं, उन्हें समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी. बुकिंग नहीं कराने पर किसान योजना के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित हो सकते हैं.
इन फसलों के बीज पर मिलेगा अनुदान
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन के मुताबिक, योजना के तहत किसानों को गेहूं, तोरिया, सरसों, जौ, चना, मटर और मसूर समेत विभिन्न फसलों के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे. बीज लेने के लिए पोर्टल पर बुकिंग करना जरूरी होगा.
पहले कराना होगा कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
बीज की बुकिंग से पहले किसान का कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है. बिना पंजीकरण के बुकिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी. इसलिए जिन किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
ऐसे करें बीज मिनीकिट की बुकिंग
बुकिंग के लिए किसान को कृषि विभाग के दर्शन-2 पोर्टल पर जाना होगा. यहां बीज मिनीकिट का विकल्प दिखाई देगा. इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद अप्लाई का ऑप्शन आएगा. इसी के जरिए किसान आगे की बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे.
फार्मर आईडी और रजिस्टर्ड मोबाइल जरूरी
अप्लाई करने के बाद किसान को कृषि विभाग की पंजीकरण संख्या और फार्मर आईडी दर्ज करनी होगी. इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा. ओटीपी दर्ज करने के बाद किसान बीज मिनीकिट के लिए बुकिंग कर सकेंगे.
पोर्टल से बुकिंग के बाद ही मिलेगा अनुदान
कृषि विभाग ने साफ किया है कि अनुदान पर बीज पाने के लिए पोर्टल पर बुकिंग करना अनिवार्य है. इसके अलावा किसी दूसरे माध्यम से अनुदान पर बीज उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. इसलिए योजना का लाभ लेने वाले किसानों को ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
सामान्य से लेकर संकर बीज तक शामिल
इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाले बीजों में सभी प्रकार के सामान्य बीज, सभी प्रकार के प्रदर्शन बीज और सभी प्रकार के संकर बीज शामिल हैं. यानी अलग-अलग श्रेणी के बीजों के लिए किसानों को योजना के तहत अनुदान का लाभ मिल सकेगा.
