यूपी में बाढ़ ने मचाई तबाही! गंगा-घाघरा समेत कई नदियां उफान पर, हजारों परिवार संकट में

UP Flood News: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है. गंगा, घाघरा, यमुना सहित कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है.

UP Flood News: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. गंगा, घाघरा (सरयू), शारदा, राप्ती, रोहिन, क्वानो, यमुना, बेतवा, केन और चंबल समेत कई नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं. निचले इलाकों में पानी घुसने से हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. उधर बलिया के भोजपुरवा गांव के 100 परिवार अपना आशियाना छोड़ अन्यत्र पलायन कर चुके हैं.

गाजीपुर में बाढ़ का मंजर

इन जिलों में सबसे ज्यादा बाढ़ का खतरा

बाढ़ का सबसे अधिक असर बलिया, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, अयोध्या, बाराबंकी, सीतापुर, हमीरपुर, जालौन, बांदा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर और मिर्जापुर में देखा जा रहा है. कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.

बलिया में भोजपुरवा गांव का भयानक मंजर

बलिया में गंगा-घाघरा का बढ़ता दबाव

पूर्वांचल के बलिया जिले में गंगा और घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बैरिया, रेवती, दुबेछपरा, शिवपुर, उदईछपरा और आसपास के तटीय इलाकों में कटान तेज हो गया है. कई गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. प्रशासन ने राहत शिविर और नावों की व्यवस्था की है.

बाढ़ के पानी से घिरे गांव

तराई के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर में शारदा, राप्ती और घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. कई गांवों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

कटान की जद में मकान

पूर्वांचल में अलर्ट, नदियों पर बढ़ी निगरानी

गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज और गाजीपुर में भी नदी किनारे बसे गांवों पर प्रशासन की विशेष नजर है. तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है और बाढ़ चौकियां 24 घंटे सक्रिय हैं.

गंगा के कटान में गिरता आशियाना

बुंदेलखंड में यमुना और बेतवा का बढ़ा जलस्तर

हमीरपुर, जालौन और बांदा में यमुना, बेतवा और केन नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके जलमग्न होने लगे हैं. कई ग्रामीण मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है.

प्रशासन अलर्ट मोड पर

राज्य सरकार ने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है. नावों, राहत शिविरों, खाद्य सामग्री और दवाओं की व्यवस्था भी की गई है.

अगले 48 घंटे बेहद अहम

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही बिजली गिरने और तेज हवा चलने की भी चेतावनी जारी की गई है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है.

सबसे ज्यादा खतरा कहां?

गंगा: बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, प्रयागराज

घाघरा (सरयू): बलिया, अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा

शारदा: लखीमपुर खीरी

राप्ती: बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर

रोहिन: महाराजगंज, गोरखपुर

यमुना: प्रयागराज, हमीरपुर, जालौन, बांदा

बेतवा और केन: हमीरपुर, जालौन, बांदा

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By Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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