UP Flood 2026: फर्रुखाबाद के समैचीपुर चितार गांव में गंगा अब सिर्फ किनारे नहीं काट रही, बल्कि लोगों की जिंदगी और उनके वर्षों पुराने आशियाने भी अपने साथ बहा ले जा रही है. पिछले 15 दिनों से जारी तेज कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. नदी की तेज लहरें आबादी तक पहुंच चुकी हैं और चार पक्के मकान देखते ही देखते गंगा में विलीन हो गए. जिन परिवारों के सिर से छत छिन गई, वे नाव और मोटरबोट के सहारे घर का बचा सामान निकालकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं. गांव में हर पल किसी और मकान के नदी में समा जाने का डर बना हुआ है.
आंखों के सामने उजड़ गए आशियाने
ग्रामीणों के मुताबिक आसिफ, वारिस, शमशुल और जाफरीन के पक्के मकान भरभराकर गंगा में समा गए. देखते ही देखते वर्षों की मेहनत से बनाए गए घर नदी की धारा में खो गए. प्रभावित परिवार किसी तरह नाव और मोटरबोट के जरिए अपना बचा हुआ सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. गांव के कई अन्य मकान भी कटान की चपेट में हैं और ग्रामीणों को उनके भी नदी में समाने की आशंका सता रही है.
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. कायमगंज एसडीएम अभिषेक वर्मा ने एनडीआरएफ की टीम को मौके पर तैनात कर निगरानी के निर्देश दिए हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों से लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके.
उजड़े परिवारों को मिलेगा नया आशियाना
एसडीएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि कटान में जिन परिवारों के घर बह गए हैं, उन्हें सरकार की ओर से दोबारा बसाया जाएगा, इसके लिए 14 बीघा जमीन चिन्हित कर ली गई है. प्रशासन की योजना प्रभावित परिवारों को जल्द ही सुरक्षित स्थान पर नए आशियाने उपलब्ध कराने की है.
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