UP Flood: यूपी में बाढ़ का ‘जलजला’ अभी बाकी! 26 जिले पानी में, 21 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए, गंगा-सरयू ने बढ़ाई टेंशन

UP Flood: उत्तर प्रदेश के 26 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं, जहां 21,333 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सरयू और गंगा जैसी नदियां कई इलाकों में चिंता बढ़ा रही हैं, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगा है.

UP Flood: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की आफत अभी पूरी तरह टली नहीं है. प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और अब तक 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. कई इलाकों में नदियों का जलस्तर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है. सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों में है, जहां नदी का पानी गांवों और निचले क्षेत्रों तक पहुंच चुका है. प्रशासन राहत और बचाव अभियान में जुटा है, लेकिन कई जगह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी अब भी पानी के बीच फंसी हुई है.

सरयू ने घेरा दर्जनभर गांव, नाव बनी जिंदगी का सहारा

गोरखपुर में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनभर गांव घिर गए हैं. कछार-देवार इलाके में कई लोगों के लिए नाव ही आवागमन का प्रमुख साधन बन गई है. रिपोर्ट के अनुसार बच्चे भी घर और स्कूल आने-जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं.

कानपुर में गंगा चेतावनी निशान के ऊपर

कानपुर में गंगा का जलस्तर गंगा बैराज पर लगातार दूसरे दिन चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया. इसके बाद प्रशासन ने घाटों पर स्नान और नौका संचालन पर रोक लगा दी है. नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है.

प्रयागराज में गंगा-यमुना फिर बढ़ीं

प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है.

लखीमपुर में 38 गांव बाढ़ की चपेट में

लखीमपुर खीरी में शारदा समेत कई नदियों के उफान पर होने से बाढ़ का दायरा बढ़ा है. चार तहसीलों के 38 गांव प्रभावित होने की रिपोर्ट है और कई परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है.

अभी बारिश से पूरी तरह राहत नहीं

मानसून की गतिविधि में फिलहाल कमी जरूर आई है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार से प्रदेश में बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है. ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में नदियों के जलस्तर पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा.

क्यों बढ़ी चिंता?

यूपी के कई हिस्सों में एक तरफ बाढ़ का पानी उतरने लगा है, तो दूसरी तरफ कुछ नदियों का जलस्तर फिर बढ़ रहा है. यही वजह है कि प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी, दवा और जरूरी सामान पहुंचाने के साथ-साथ निचले इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखना है.

यह भी पढ़ें: कुशवाहा-सैनी-मौर्य-शाक्य सवाल न करें! वायरल वीडियो ने मचाया बवाल, अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर उठे बड़े सवाल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >