UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर INDIA गठबंधन में सीट शेयरिंग की चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने अपनी ओर से सीटों का एक संभावित फॉर्मूला तैयार कर लिया है. चर्चा है कि सपा 403 विधानसभा सीटों में से 328 सीटों पर अपने चुनाव चिह्न साइकिल के साथ उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है. वहीं, कांग्रेस के लिए 75 सीटें छोड़े जाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है. हालांकि, सीट शेयरिंग पर अभी दोनों दलों के बीच अंतिम सहमति नहीं बनी है.
328 सीटों पर सपा, कांग्रेस के लिए 75 सीटों का फॉर्मूला
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने मजबूत राजनीतिक आधार वाली सीटों पर सीधे चुनाव लड़ने की तैयारी में है. इसी रणनीति के तहत पार्टी ने 328 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का गणित तैयार किया है. वहीं कांग्रेस को करीब 75 सीटें देने की बात सामने आई है. सपा का यह फॉर्मूला गठबंधन में उसकी बड़ी भूमिका को दर्शाता है, लेकिन कांग्रेस इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है.
कांग्रेस की 200 सीटों की मांग से बढ़ी मुश्किल
सीट शेयरिंग की बातचीत में सबसे बड़ा पेंच कांग्रेस की मांग को लेकर बताया जा रहा है. खबरों के अनुसार, कांग्रेस उत्तर प्रदेश में करीब 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रही है. ऐसे में सपा के प्रस्तावित 75 सीटों और कांग्रेस की 200 सीटों की मांग के बीच बड़ा अंतर है. दोनों दलों के नेताओं को इस अंतर को कम करने के लिए कई दौर की बातचीत करनी पड़ सकती है. सीटों का अंतिम बंटवारा चुनावी समीकरणों और स्थानीय राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखकर तय होगा.
कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतर सकते हैं सपा के नेता
सपा के प्रस्तावित सीट शेयरिंग फॉर्मूले में एक दिलचस्प रणनीति की भी चर्चा है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के हिस्से में आने वाली कुछ सीटों पर समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं को कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतारा जा सकता है. इस तरह दोनों दल स्थानीय स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों का इस्तेमाल कर गठबंधन की चुनावी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि, इस रणनीति पर भी अंतिम फैसला दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही होगा.
अब कांग्रेस के फैसले पर टिकी नजर
समाजवादी पार्टी के संभावित सीट शेयरिंग फॉर्मूले के सामने आने के बाद अब सबकी नजर कांग्रेस के अगले कदम पर है. सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी 75 से ज्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं है, जबकि कांग्रेस अधिक सीटों की मांग कर रही है. ऐसे में यूपी चुनाव 2027 से पहले सीट शेयरिंग का मुद्दा INDIA गठबंधन के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन सकता है. अब देखना होगा कि कांग्रेस 75 सीटों के प्रस्ताव से संतुष्ट होती है या सीटों के नए गणित पर बातचीत आगे बढ़ती है.
