टूंडला में खूनी खेल: खेत जोतने पहुंचे पिता-पुत्र की फावड़े से काटकर हत्या, गांव में दहशत

UP CRIME: फिरोजाबाद के टूंडला में जमीन विवाद को लेकर पूर्व प्रधान अरविंद यादव और उनके बेटे नितिन की फावड़े से काटकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. खेत जोतने पहुंचे थे तभी हमलावरों ने घेर लिया। घटना से गांव में दहशत है, पुलिस जांच में जुटी है.

UP CRIME: फिरोजाबाद (टूंडला) थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव टीकरी में रविवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब दिनदहाड़े खेत में काम कर रहे पूर्व प्रधान अरविंद यादव (55) और उनके बेटे नितिन यादव (27) की गांव के ही कुछ लोगों ने फावड़े से बेरहमी से हत्या कर दी. हत्या के पीछे वर्षों पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.

फावड़े से हमला, मौके पर ही मौत

रविवार शाम करीब 4:30 बजे पूर्व प्रधान अरविंद यादव अपने बेटे नितिन के साथ खेत जुतवाने प्रेमपुर स्थित जमीन पर पहुंचे थे. तभी गांव के ही हुब्बलाल यादव, भोला, विपिन, रवि, मनीष, सनी और अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया और विरोध करते हुए अचानक फावड़े से हमला कर दिया. सिर और गर्दन पर गंभीर वार होने के कारण पिता-पुत्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

वारदात के बाद गांव में फैली दहशत, कोई बचाने नहीं आया

हत्या हाईवे से सटे मार्ग पर हुई जहां से कई ग्रामीणों की आवाजाही थी, लेकिन डर और खौफ के कारण किसी ने भी बीच-बचाव की हिम्मत नहीं की. खेतों में काम कर रहे किसानों ने सब कुछ देखा लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया.

पुलिस बल पहुंचा मौके पर, शव पोस्टमार्टम को भेजे

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी सौरभ दीक्षित, एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भेज दिया है. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया है.

जमीन विवाद बना दोहरी हत्या की वजह

जानकारी के अनुसार, लगभग 15 वर्ष पूर्व गांव टीकरी निवासी साहब सिंह यादव ने अपने ही दो पुत्रों हुब्बलाल और देवेंद्र से परेशान होकर गांव के ही पूर्व प्रधान अरविंद यादव को प्रेमपुर स्थित 14 बीघा जमीन बेच दी थी. इसके बाद साहब सिंह गांव छोड़कर अपने अन्य दो पुत्रों के साथ चला गया. इस जमीन के बैनामे को लेकर हुब्बलाल पक्ष ने रंजिश पाल ली और अरविंद यादव को कभी भी जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया. कई बार पुलिस बल के साथ कोशिश करने के बाद भी उन्हें खेती नहीं करने दी गई.

20 मई को मिला कब्जा, 25 को कर दी हत्या

बीते 20 मई को एसडीएम अनुराधा सिंह और तहसीलदार राखी शर्मा की निगरानी में पुलिस बल के साथ जमीन की नापतौल कर कब्जा दिलवाया गया था. यह पहली बार था जब अरविंद यादव और उनके बेटे नितिन यादव जमीन जोतने पहुंचे थे. लेकिन इसी दिन उनकी निर्मम हत्या कर दी गई.

दुश्मनी के चलते छोड़ दिया था गांव, टूंडला में बना लिया था घर

गांव में रहने के दौरान लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर अरविंद यादव ने गांव छोड़ दिया था और टूंडला के हाईवे रिजेंसी में घर बनाकर रहने लगे थे. केवल खेती के लिए ही वे गांव आते थे। रविवार को भी वे टूंडला से ही खेत पर गए थे.

तीन महीने पहले हुई थी बेटे की शादी, मातम में बदली खुशियां

मृतक नितिन यादव की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी. परिवार में इस घटना के बाद मातम पसरा है. पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीण भी दहशत में हैं और कोई भी खुलकर बयान देने को तैयार नहीं है.

कई बार हुआ था विवाद, मुकदमे भी दर्ज

इस जमीन को लेकर पिछले 15 वर्षों में कई बार दोनों पक्षों में विवाद हुआ. कई मुकदमे भी दर्ज हुए. पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी. हुब्बलाल पक्ष जमीन छोड़ने को तैयार नहीं था और अरविंद यादव बैनामे का हवाला देकर कब्जा लेने पर अड़े थे.

गिरफ्तारी के लिए गठित की गई टीमें

एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं. जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है.


गांव टीकरी में हुई यह दोहरी हत्या न केवल एक गंभीर आपराधिक वारदात है बल्कि यह प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती है. वर्षों पुराने विवाद को सुलझाने में प्रशासन की देरी और सामाजिक तानेबाने में फैले डर का नतीजा आज एक परिवार की तबाही और एक गांव में पसरे सन्नाटे के रूप में सामने आया है.

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Published by: Abhishek singh

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