UP Board News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने अपने लंबे इतिहास में पहली बार छात्र-छात्राओं के अंकपत्रों और प्रमाणपत्रों में लिंग (जेंडर) परिवर्तन संशोधन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है. इससे पूर्व बोर्ड स्तर पर केवल नाम, माता-पिता का नाम, पता या जन्मतिथि संशोधन के मामले ही निपटाए जाते थे. शीर्ष अदालत के आदेशानुसार यह जनहितैषी कदम उठाया गया है. राज्य भर से अब तक कुल 10 परीक्षार्थियों ने जेंडर बदलाव हेतु अपने आवेदन जमा कराए हैं.
जिलाधिकारी और मेडिकल बोर्ड के जरिए होगी पूरी प्रक्रिया
बोर्ड की व्यवस्था के अनुसार जेंडर संशोधन का लाभ पाने के लिए अभ्यर्थियों को सर्वप्रथम संबंधित जिले के जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन देना होता है. इसके पश्चात डीएम के निर्देश पर गठित विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड अभ्यर्थी का स्वास्थ्य परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करता है. साथ ही आवेदक को स्थानीय दैनिक समाचार पत्र में विज्ञप्ति भी प्रकाशित करानी होती है. तत्पश्चात डीएम स्तर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर ही यूपी बोर्ड अभिलेखों में आवश्यक संशोधन दर्ज करता है.
क्षेत्रीय कार्यालयों के आंकड़े और निस्तारण की स्थिति
यूपी बोर्ड प्रशासन के अनुसार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में इस प्रकार के आवेदन दर्ज किए गए हैं. इनमें सर्वाधिक पांच मामले प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आए हैं, जिनका सफलतापूर्वक निस्तारण कर संशोधित अंकपत्र निर्गत किए जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त मेरठ और वाराणसी से दो-दो तथा बरेली से एक मामला सामने आया है. अब तक कुल नौ आवेदकों को नए शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं, जबकि केवल एक आवेदन फिलहाल प्रक्रियाधीन है.
