UP Assembly : उत्तर प्रदेश विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी है. यहां AI आधारित फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाएगा. कैमरे आग और धुएं की पहचान कर तुरंत अलर्ट देंगे और स्क्रीन पर आग लगने की सटीक जगह दिखाई देगी.
AI तकनीक से होगी विधानसभा की सुरक्षा मजबूत
उत्तर प्रदेश विधानसभा को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक से लैस किया जा रहा है. विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए गैलरी और पुस्तकालय की पांच मंजिलों में आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाएगा. इस पूरी व्यवस्था को करीब 60 दिनों के भीतर तैयार करने की योजना है. नई व्यवस्था में इंटेलिजेंट वीडियो एनालिटिक्स वाले कैमरे, फायर डिटेक्शन सिस्टम, क्लीन एजेंट फायर सप्रेशन, स्मार्ट इमरजेंसी लाइटिंग और वेब आधारित निगरानी व्यवस्था शामिल होगी. खास बात यह है कि आग या धुएं का पता लगाने के लिए सुरक्षाकर्मियों के मौके पर पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
कैमरा खुद पहचानेगा आग और धुआं
नई तकनीक में लगाए जाने वाले वीडियो फायर डिटेक्शन कैमरे लगातार वीडियो फुटेज का विश्लेषण करेंगे. ये कैमरे आग की लपट और धुएं को पहचानकर तत्काल अलर्ट जारी कर सकेंगे. कम रोशनी में भी काम करने में सक्षम इन कैमरों से मिलने वाला अलार्म फायर अलार्म पैनल तक पहुंचेगा. सिस्टम किसी असामान्य स्थिति का पता लगने पर भी तत्काल चेतावनी दे सकेगा.
स्क्रीन पर दिखेगी आग लगने की सटीक जगह
फायर सेफ्टी सिस्टम में आठ इंच की कलर टच स्क्रीन वाला एड्रेसेबल अलार्म पैनल लगाया जाएगा. इसमें करीब छह हजार घटनाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सकेगा. वेब आधारित ग्राफिकल यूजर इंटरफेस के जरिए भवन के फ्लोर प्लान पर सेंसर और संबंधित उपकरणों की स्थिति देखी जा सकेगी. आग या किसी अन्य खतरे का अलार्म किस हिस्से में आया है, इसकी जानकारी स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगी.
पानी के बजाय क्लीन एजेंट से बुझाई जाएगी आग
विधानसभा के ऐसे हिस्सों में जहां महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मौजूद हैं, वहां क्लीन एजेंट आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम उपयोगी होगा. इसका उद्देश्य आग पर काबू पाने के साथ-साथ पानी से होने वाले नुकसान को भी कम करना है. इसके अलावा स्मार्ट इमरजेंसी लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी. आग लगने की स्थिति में एड्रेसेबल एग्जिट साइन और इमरजेंसी ल्यूमिनेयर लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद करेंगे.
गलत रास्ते पर लाल क्रॉस का संकेत
नई इमरजेंसी लाइटिंग व्यवस्था की एक खासियत यह होगी कि कुछ ल्यूमिनेयर जरूरत के अनुसार दिशा बदलकर बाहर निकलने का रास्ता दिखाएंगे. वहीं, गलत दिशा में जाने पर लाल क्रॉस का संकेत दिखाई देगा. इससे आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रास्ता चुनने में मदद मिलेगी.
60 दिनों में तैयार करने का लक्ष्य
विधानसभा सचिवालय ने इस हाईटेक फायर सेफ्टी व्यवस्था को करीब 60 दिनों में तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए जल्द ही कंपनी का चयन किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने के बाद विधानसभा की सुरक्षा और फायर रिस्पॉन्स सिस्टम पहले के मुकाबले अधिक आधुनिक और स्वचालित हो जाएगा.
पहले से AI कैमरों की निगरानी में आ चुका है सदन
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इससे पहले सदन को AI कैमरों की निगरानी में लाने की शुरुआत की थी. इसके तहत सदन की गतिविधियों और विधायकों से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है. अब फायर सेफ्टी सिस्टम को भी AI और वीडियो एनालिटिक्स से जोड़ने की तैयारी है. इससे आग जैसी आपात स्थिति में खतरे की पहचान और प्रतिक्रिया का काम अधिक तेजी से किया जा सकेगा.
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