UP News: कानपुर सेंट्रल से दिल्ली जाने वाले रेल मार्ग पर पिछले तीस दिनों से ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित हुआ है. प्रमुख ट्रेनों की गति धीमी होने के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. इस रेल मार्ग पर चलने वाली अधिकांश ट्रेनें औसतन दो से तीन घंटे की देरी से अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं. रेलवे प्रशासन के अनुसार पटरियों की आवश्यक मरम्मत, विभिन्न स्थानों पर दिए गए कॉशन आदेश और अनधिकृत चेन पुलिंग के कारण ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ रहा है.
प्रीमियम ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री हो रहे हैं परेशान
सामान्य एक्सप्रेस गाड़ियों के साथ-साथ राजधानी, शताब्दी और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी इस लेटलतीफी का शिकार बन चुकी हैं. आंकड़े बताते हैं कि बीते महीने डिब्रूगढ़ और सियालदह राजधानी एक्सप्रेस पंद्रह दिन देरी से चलीं. इसके अतिरिक्त कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस भी पंद्रह दिन विलंब से स्टेशन पहुंची. तेजस एक्सप्रेस पांच दिन तथा दूरंतो एक्सप्रेस नौ दिन देरी से संचालित हुई।प्रीमियम ट्रेनों के इस तरह लेट होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
ट्रैक मरम्मत और रखरखाव कार्य बताया गया मुख्य कारण
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि देश के विभिन्न रेल मंडलों में पटरियों का मेंटेनेंस और सुधार कार्य तेजी से चल रहा है. इस कारण पीछे के स्टेशनों से ही गाड़ियां विलंब से आ रही हैं. हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि कानपुर और प्रयागराज से शुरू होने वाली ट्रेनों के प्रस्थान समय पर इसका बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है. फिर भी यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है.
