TGT-PGT Protest: प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय में टीजीटी-पीजीटी भर्ती की पुरानी नियमावली के आधार पर एक और अवसर की मांग कर रहे प्रतियोगी परीक्षार्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. सोमवार की पूरी रात अभ्यर्थियों ने खुले आसमान के नीचे निदेशालय परिसर में व्यतीत की. प्रतिकूल परिस्थितियों और सुविधाओं के अभाव के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ है. सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घट सके.
जिलाधिकारी से मौके पर संवाद का आग्रह
आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र प्रतिनिधि आशुतोष पांडेय ने प्रयागराज के जिलाधिकारी से तुरंत धरनास्थल पर पहुंचकर सीधी बातचीत करने का विशेष अनुरोध किया है. उनका स्पष्ट मानना है कि अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच सार्थक संवाद स्थापित होने से ही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है. प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि पूर्व में भी जिलाधिकारी आंदोलनों के समय मौके पर आकर संवाद स्थापित करते रहे हैं, इसलिए इस बार भी उन्हें आकर छात्रों का पक्ष अवश्य सुनना चाहिए.
ठोस फैसला आने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प
विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि पुरानी नियमावली के तहत अवसर प्रदान किए बिना वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे. शासन जब तक इस विषय पर कोई स्पष्ट और सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा. छात्रों ने जोर देकर कहा कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं. प्रशासन को बिना किसी विलंब के इस गतिरोध को समाप्त करने हेतु उचित कदम उठाने चाहिए.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और शासन से त्वरित समाधान की उम्मीद
छात्रों ने शासन-प्रशासन के सामने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि उनका यह पूरा आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण मर्यादाओं के भीतर ही संचालित हो रहा है. वे केवल अपने अधिकारों और भविष्य के सुरक्षा चक्र के लिए आवाज उठा रहे हैं. अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते उचित वार्ता नहीं करता, तो यह आंदोलन राज्य स्तर पर और अधिक तीव्र किया जाएगा.
ठोस फैसला आने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प
विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि पुरानी नियमावली के तहत अवसर प्रदान किए बिना वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे. शासन जब तक इस विषय पर कोई स्पष्ट और सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा. छात्रों ने जोर देकर कहा कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं. प्रशासन को बिना किसी विलंब के इस गतिरोध को समाप्त करने हेतु उचित कदम उठाने चाहिए.
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