Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं. अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा है कि जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) में एक फॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने SIT से अब तक की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है. राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि 25 जुलाई को मामले की निगरानी के लिए SIT का गठन किया गया था.
SIT में फॉरेंसिक ऑडिटर शामिल करने का निर्देश
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए SIT में फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल किया जाए. अदालत का मानना है कि फॉरेंसिक ऑडिटर वित्तीय लेनदेन की गहन जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और धन के प्रवाह का विश्लेषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इससे कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अधिक पारदर्शी और व्यापक हो सकेगी.
राज्य सरकार ने बताया, 25 जुलाई को बनी थी SIT
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की पुलिस जांच की निगरानी के लिए 25 जुलाई को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. सरकार ने कहा कि गठित टीम मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. इस पर अदालत ने जांच की प्रगति का ब्योरा पेश करने के लिए SIT से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
जांच की प्रगति पर रहेगी सुप्रीम कोर्ट की नजर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब SIT को अपनी अब तक की जांच और आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा. माना जा रहा है कि फॉरेंसिक ऑडिटर के जुड़ने से ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड, लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की तकनीकी जांच को नई मजबूती मिलेगी. मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर जांच की प्रगति की समीक्षा करेगा.
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