शाहजहांपुर जिले में 109 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया. नगर विधानसभा क्षेत्र के मोहल्ला अफरीदी स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के बाहर सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया. सपा ने शिक्षक दिवस को विरोध दिवस के रूप में मनाया. जिलाध्यक्ष तनवीर खान ने कहा कि भाजपा सरकार छात्र-छात्राओं और शिक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है. उनका आरोप है कि सरकार बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है, ताकि वे पढ़-लिखकर नौकरी की मांग न करें, क्योंकि सरकार के पास नौकरियां नहीं हैं.
शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप
तनवीर खान ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार की प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों को लगातार कमजोर करना है. उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकारी आंकड़ों के आधार पर बताया है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्तर के स्कूल बंद या मर्ज किए गए हैं.
गरीब बच्चों पर सीधा असर
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकारी स्कूल गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित और वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा का सबसे बड़ा सहारा हैं. उन्होंने कहा कि इन स्कूलों को बंद करने का सीधा असर उन परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है, जिनके लिए निजी स्कूलों की महंगी फीस देना संभव नहीं है.
सरकार से पूछा स्कूल बंद क्यों?
तनवीर खान ने सवाल किया कि जब प्रदेश में बच्चों को बेहतर शिक्षा और ज्यादा सुविधाएं देने की जरूरत है, तो सरकारी स्कूलों की संख्या कम क्यों की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूल बंद करने के बजाय वहां पर्याप्त शिक्षक, बिजली, पानी, शौचालय, कंप्यूटर और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए.
तीन स्कूलों को मिलाने का विरोध
तनवीर खान ने दोहराया कि शाहजहांपुर जिले में 109 स्कूल बंद किए गए हैं. उन्होंने कहा कि वाजिद खेल और महमंद गढ़ी जैसे स्कूलों को बंद कर तीन स्कूलों को मिलाकर एक स्कूल चलाया जा रहा है. उनके मुताबिक, इस तरह स्कूलों का विलय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. सपा ने सरकार से स्कूल बंद करने के फैसले पर पुनर्विचार करने और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की.
शाहजहांपुर से पवन तोमर की रिपोर्ट
