UP News: शाहजहांपुर नगर निगम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पार्षद हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाते नजर आ रहे हैं. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें नगर निगम से मिलने वाली कथित अवैध कमीशन की रकम को आपस में बराबर बांटने और एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ने की बात कही जा रही है. हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
वीडियो सामने आते ही गरमाई स्थानीय राजनीति
वायरल वीडियो को लेकर शाहजहांपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. पार्टी के जिला अध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने आरोप लगाया कि वीडियो में दिखाई दे रहा कथित घटनाक्रम नगर निगम के भीतर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया तथा इसमें नजर आ रहे लोगों की भूमिका क्या है.
कांग्रेस ने उठाए भ्रष्टाचार को लेकर सवाल
कांग्रेस जिला अध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्षदों पर गंभीर सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि जनता के प्रति ईमानदारी और निष्ठा की बात करते हैं, लेकिन वायरल वीडियो में कथित तौर पर अलग तरह की शपथ लेते दिखाई दे रहे हैं. गुप्ता ने नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की जांच की मांग की है. उन्होंने यह भी पूछा कि यदि आरोप सही हैं तो कथित रकम का सबसे बड़ा हिस्सा किस तक पहुंचता है.
नगर आयुक्त ने बताया वीडियो पुराना
मामले पर नगर आयुक्त सौम्या गुरु रानी ने कैमरे के सामने प्रतिक्रिया देने से इनकार किया. हालांकि, फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो वर्ष 2025 का है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी और उनके माध्यम से इसकी जांच कराई जाएगी. नगर आयुक्त के इस बयान के बाद अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वीडियो की वास्तविक पृष्ठभूमि क्या है और उसमें लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है.
जांच के बाद सामने आएगी वीडियो की सच्चाई
वायरल वीडियो ने शाहजहांपुर नगर निगम की पारदर्शिता और कामकाज को लेकर नई बहस छेड़ दी है. फिलहाल वीडियो में नजर आ रहे पार्षदों की ओर से पूरे मामले पर कोई विस्तृत सार्वजनिक सफाई सामने नहीं आई है. ऐसे में वीडियो को आधार बनाकर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही गई है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में वीडियो और कथित कमीशन से जुड़े आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं.
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