गंगाजल हाथ में लेकर ऐसी कौन-सी कसम खा रहे थे शाहजहांपुर के पार्षद? वीडियो ने मचाई खलबली

शाहजहांपुर नगर निगम के पार्षद गंगाजल हाथ में लेकर कसम खाते हुए वीडियो में कैद हुए हैं. वीडियो में अवैध कमीशन बांटने और एक-दूसरे का साथ न छोड़ने की बात कही जा रही है. इस मामले ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है.

UP News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर नगर निगम के पार्षदों का गंगाजल हाथ में लेकर कसम खाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्षद निगम से मिलने वाली कथित अवैध कमीशन की रकम आपस में बराबर बांटने और एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ने की सौगंध ले रहे हैं. मामले ने स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है, जबकि नगर आयुक्त ने वीडियो को वर्ष 2025 का बताते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से जांच कराने की बात कही है.

गंगाजल लेकर ली सौगंध

वायरल वीडियो में कई पार्षद हाथों में गंगाजल लेकर खड़े नजर आ रहे हैं. वीडियो में कथित तौर पर वे नगर निगम से होने वाली ‘आमदनी’ यानी अवैध कमीशन को सभी पार्षदों में बराबर बांटने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं. साथ ही, ग्रुप के किसी सदस्य पर परेशानी आने पर सभी के एकजुट रहने और आपस में गद्दारी नहीं करने की बात भी कही जा रही है.

कांग्रेस ने उठाए भ्रष्टाचार पर सवाल

वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने नगर निगम में भ्रष्टाचार और कथित लूट के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय पार्षद सत्य और निष्ठा की शपथ लेते हैं, लेकिन वायरल वीडियो में कथित तौर पर भ्रष्टाचार और कमीशन बांटने की कसम खाते नजर आ रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि नगर निगम में कथित तौर पर कितनी बड़ी रकम का खेल चल रहा है और इसका लाभ किसे पहुंच रहा है.

नगर आयुक्त ने जांच की बात कही

मामले पर नगर आयुक्त सौम्या गुरु रानी ने कैमरे के सामने प्रतिक्रिया देने से इनकार किया. हालांकि, फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो वर्ष 2025 का है. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से बात कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी. जांच के बाद ही वीडियो और उसमें लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.

वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

ये पुराने बताए जा रहे इस वीडियो के दोबारा वायरल होने से शाहजहांपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली और कथित कमीशनखोरी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या है.

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By अंजली कश्यप

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