सात महीने भी नहीं चले सात फेरे, पति ने निगला जहर और पत्नी ने लगाई फांसी , झांसी मे प्रेम कहानी का खौफनाक अंत

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के झांसी में एक प्रेम विवाह के 7 महीने बाद दंपती की मौत हो गई. पति ने जहर खाया, तो पत्नी ने फांसी लगा ली. श्मशान घाट पर मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया.

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना कस्बे से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. सात महीने पहले प्रेम विवाह करने वाले एक दंपती की जिंदगी अचानक खत्म हो गई. पति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया, जबकि कुछ ही देर बाद पत्नी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. पोस्टमार्टम के बाद जब विवाहिता का शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचा तो मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया. देखते ही देखते श्मशान घाट पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पुलिस को पूरी रात मौके पर तैनात रहना पड़ा.

प्रेम विवाह के सात महीने बाद उजड़ गया परिवार

जानकारी के मुताबिक, बबीना निवासी सागर और राधा एक-दूसरे को पहले से जानते थे. दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था. परिवारों की सहमति के बाद 25 नवंबर 2025 को दोनों ने शादी की थी. शादी को अभी महज सात महीने ही हुए थे. किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह रिश्ता इतनी जल्दी दर्दनाक अंत तक पहुंच जाएगा.

पति ने खाया जहर, घर लौटे परिजनों ने पत्नी को फंदे पर लटका पाया

परिजनों के अनुसार, किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ. इसके बाद सागर ने जहरीला पदार्थ खा लिया. उसकी हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए. पहले स्थानीय अस्पताल और फिर झांसी रेफर किया गया. इसी दौरान परिवार को घर से फोन आया कि तुरंत वापस लौटें. जब परिजन घर पहुंचे तो राधा फांसी के फंदे से लटकी मिली. उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

पोस्टमार्टम के बाद श्मशान घाट पर नया विवाद

दोनों शवों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब राधा का शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लाया गया, तभी मायके पक्ष वहां पहुंच गया. उन्होंने अंतिम संस्कार रुकवा दिया और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. मायके वालों का कहना था कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज के लिए की गई हत्या है. उन्होंने मांग की कि पहले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, तभी अंतिम संस्कार होने दिया जाएगा. स्थिति बिगड़ती देख भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया. पूरी रात पुलिस दोनों पक्षों को समझाने और कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने में जुटी रही.

मायके पक्ष का आरोप- शादी के बाद से मांगे जा रहे थे 10 लाख रुपये

मृतका के मामा ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति, ससुर, देवर और परिवार के अन्य सदस्य 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. रकम नहीं देने पर राधा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था. उनका दावा है कि घटना से एक दिन पहले भी फोन कर कहा गया था कि या तो 10 लाख रुपये की व्यवस्था कर दी जाए या फिर राधा को तलाक देकर मायके भेज दिया जाएगा. परिजनों का आरोप है कि राधा की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या का दिखाई दे. साथ ही, उन्हें समय पर सूचना भी नहीं दी गई और उनके पहुंचने से पहले अंतिम संस्कार कराने की तैयारी की जा रही थी.

ससुराल पक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

मृतका के जेठ विजय साहू ने कहा कि परिवार को किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी. उनके मुताबिक, सागर की हालत अचानक बिगड़ी थी और उसे बचाने के लिए तत्काल अस्पताल ले जाया गया था. उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान घर से सूचना मिली कि राधा ने फांसी लगा ली है. परिवार जब घर लौटा तो वह मृत अवस्था में मिली. उनका कहना है कि परिवार खुद इस घटना से सदमे में है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि दोनों की जान चली गई.

न्याय की मांग पर अड़े रहे परिजन

श्मशान घाट पर मायके पक्ष लगातार इस मांग पर अड़ा रहा कि जब तक दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होगा और निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा. इसी वजह से पूरी रात श्मशान घाट पर तनाव बना रहा और पुलिस प्रशासन को लगातार निगरानी करनी पड़ी.

थाना प्रभारी ने क्या कहा?

बबीना थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराया गया है. मायके पक्ष की ओर से तहरीर मिल चुकी है, जिसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी.

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा राज

पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, मजिस्ट्रेटी जांच और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या फिर दहेज हत्या का. फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.

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By रवि रंजन कुमार

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