UP Food Business Subsidy: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOP) योजना के तहत उद्यमियों को आर्थिक मदद दी जा रही है. इस योजना में मिर्च पकौड़ा, पेड़ा, समोसा और मलाई मक्खन को शामिल किया गया है. इनसे जुड़ा रेस्टोरेंट या कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों को परियोजना लागत के आधार पर 25 फीसदी तक अनुदान मिल सकता है.
50 लाख तक की परियोजना पर मिलेगा अनुदान
योजना के तहत उद्यमी 50 लाख रुपये तक की परियोजना प्रस्तुत कर सकते हैं. इसके लिए सरकार की ओर से मार्जिन मनी की राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी. 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों को अधिकतम 25 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा. वहीं 50 लाख रुपये की परियोजना पर 20 फीसदी अनुदान मिलेगा. इस हिसाब से पात्र उद्यमी को अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है. उपायुक्त उद्योग करुणा राय के मुताबिक, योजना का उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों का मूल्य संवर्धन करने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाना, गुणवत्ता में सुधार करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना है.
सीतापुर में ये व्यंजन हैं खास
‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना में शामिल व्यंजनों में सीतापुर का पेड़ा, मिर्च पकौड़ा, समोसा और मलाई मक्खन शामिल हैं. जिले में इन व्यंजनों की अपनी अलग पहचान है. हाईवे पर इटौजा, अटरिया और उरदौली के पेड़े अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं. वहीं लखीमपुर मार्ग पर बड़ेलिया का मिर्च पकौड़ा भी काफी मशहूर है. दुधवा जाने वाले पर्यटकों के बीच भी इसका स्वाद खासा लोकप्रिय बताया जाता है. मलाई मक्खन को भी ‘एक जिला एक व्यंजन’ में शामिल किया गया है. इसके बाद स्थानीय स्तर पर इसके कारोबार और विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
योजना का लाभ लेने के लिए ये है पात्रता
इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं-
आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए. आवेदन के लिए किसी विशेष शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है. आवेदक किसी वित्तीय संस्था का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए. पात्र आवेदक योजना के तहत रेस्टोरेंट या संबंधित कारोबार के लिए आवेदन कर सकता है.
जनसेवा केंद्र से कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र, शपथ पत्र और योजना प्रपत्र समेत जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे. इसके बाद जनसेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. अगर आवेदन करने में किसी तरह की परेशानी आती है तो आवेदक उपायुक्त उद्योग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं.
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