Ayodhya Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे से कथित चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है. अयोध्या पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार दो आरोपी टिन्नू यादव और मनीष यादव की सात दिन की पुलिस रिमांड की मांग करते हुए स्थानीय अदालत का रुख किया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ, चोरी की रकम की बरामदगी, अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए रिमांड आवश्यक है.
जांच में तेजी, कोर्ट से मांगी सात दिन की पुलिस रिमांड
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से अब तक हुई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. हालांकि, मामले के कई पहलुओं की अभी भी जांच बाकी है. इसी को देखते हुए पुलिस ने अदालत से सात दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया है, ताकि आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जा सके.जांच अधिकारियों का मानना है कि रिमांड मिलने पर चोरी में इस्तेमाल किए गए तरीके, चोरी की गई रकम और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में भी अहम जानकारी मिल सकती है.
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा दान पेटियों में बड़ी संख्या में चढ़ावा अर्पित किया जाता है. आरोप है कि इसी चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन से जुड़े सिस्टम का फायदा उठाकर धन की चोरी की गई. मामले की जानकारी सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की थी. जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया. प्रारंभिक पूछताछ के बाद अब पुलिस को संदेह है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है.
बरामदगी और अन्य आरोपियों की तलाश पर फोकस
पुलिस की प्राथमिकता चोरी की गई रकम की बरामदगी करना और यह पता लगाना है कि धन कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह वारदात किसी संगठित साजिश का हिस्सा थी या फिर कुछ लोगों ने मिलकर इसे अंजाम दिया. जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें.
मंदिर प्रशासन भी रखे हुए है नजर
राम मंदिर से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर मंदिर प्रशासन भी लगातार नजर बनाए हुए है. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच में पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है.
कोर्ट के फैसले पर टिकी आगे की कार्रवाई
अब इस मामले में सबकी नजर अदालत के फैसले पर है। यदि अदालत पुलिस की रिमांड याचिका स्वीकार करती है, तो आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि इससे मामले के कई अनसुलझे पहलुओं से पर्दा उठेगा और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
Input: रवि रंजन कुमार
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