Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचेंगे. वह श्रीरामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे, लेकिन इस दौरे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल लेटर में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को कार्यक्रम में शामिल न होने के लिए कहा गया है. प्रशासन की ओर से जारी पत्र के पॉइंट नंबर 29 में उनसे अनुरोध किया गया है कि वे अपनी जगह किसी अन्य प्रतिनिधि को नामित करें और इसकी जानकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दें.
चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी
यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि चंपत राय राम मंदिर ट्रस्ट के सबसे अहम पदाधिकारियों में से एक हैं. अब तक मंदिर में होने वाले लगभग हर बड़े वीआईपी कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रही है. उधर, चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी लगातार जारी है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT गुरुवार सुबह फिर राम मंदिर पहुंची. बताया जा रहा है कि दान राशि की गिनती और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े पहलुओं पर ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र से पूछताछ की गई, इसके बाद यूपी में राजनीति भी तेज हो गई है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा-यह हिस्सेदारी की लड़ाई है?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अयोध्या पहुंचे और उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चढ़ावे की चोरी में बड़े लोग शामिल हैं और यह हिस्सेदारी की लड़ाई है उन्होंने सोने की ईंटें गायब होने का भी दावा किया तथा चंपत राय और गोपाल राव की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मामले की जांच हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज से कराने की मांग की. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच अभी जारी है.
अब तक दो करोड़ रुपये की बरामदगी
सूत्रों के अनुसार, अब राम मंदिर की व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को सीईओ नियुक्त करने पर भी विचार किया जा रहा है. इस प्रस्ताव पर सरकार और मंदिर ट्रस्ट के बीच मंथन चल रहा है. जांच में अब तक पांच लोगों के नाम सामने आए हैं. लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू. ये सभी दान राशि की गिनती से जुड़े बताए जा रहे हैं. इनकी निशानदेही पर अब तक करीब दो करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी है.
सरकार की चुप्पी पर सवाल पर अखिलेश यादव का सवाल
बतादें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने राम मंदिर से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की चोरी का दावा किया था, इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की. वहीं, चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है. भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की. इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मंदिर ट्रस्ट से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की. अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे और इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
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