Ram Mandir Attack : राम मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, ISI ने सौंपा था रहमान को काम, एसटीएफ ने दबोचा

Ram Mandir Attack : राम मंदिर पर हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया. ISI ने रहमान को हमले के लिए भेजा था. गुजरात और हरियाणा की एसटीएफ की संयुक्त टीम ने रहमान को गिरफ्तार कर लिया.

Ram Mandir Attack : फरीदाबाद में गुप्त रूप से रह रहे एक युवक को गिरफ्तार किया गया है. उसपर अयोध्या के राम मंदिर पर हमले का प्लान बनाने का शक है. गुजरात और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सोमवार को इस बात का खुलासा किया. एसटीएफ ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई अयोध्या में राम मंदिर पर ग्रेनेड हमले का प्लान तैयार कर रही थी. एसटीएफ की टीम ने रविवार शाम फरीदाबाद के पाली से 19 साल के एक संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया. अयोध्या के मिल्कीपुर निवासी रहमान के पास से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए.

अब्दुल रहमान रह रहा था शंकर के नाम से

अब्दुल रहमान अबू बकर को गिरफ्तार किया गया है. वह नाम छिपाकर रह रहा था. उसने अपना नाम  शंकर बताया और फरीदाबाद में छिपा हुआ था. जांचकर्ताओं को उसके संदिग्ध साथी और एक ठिकाने तक ले गए. यहां उन्हें इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रांत से जुड़े एक नेटवर्क के जरिए आईएसआई संचालकों द्वारा उपलब्ध कराए गए दो हथगोले मिले.

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रहमान फैजाबाद के पास मिल्कीपुर का रहने वाला

एटीएस सूत्रों के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर प्रकाशित की है. इसमें बताया गया कि बम निरोधक दस्ते ने फरीदाबाद में विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया. रहमान फैजाबाद के पास मिल्कीपुर का रहने वाला है, जो अयोध्या से करीब 6.5 किलोमीटर दूर सरयू के दक्षिणी तट पर है. वह फरीदाबाद में रहता था.

रहमान के पास से जांचकर्ताओं को अहम सबूत मिले

रहमान को यूपी में राम मंदिर और प्रशासनिक कार्यालयों सहित संवेदनशील स्थानों की रेकी का काम सौंपा गया था. छापे के दौरान जब्त की गई एक पेन ड्राइव में जांचकर्ताओं को अहम सबूत मिले. इसमें हमले का प्लान, टरगेट और उसके हैंडलरों के निर्देश शामिल थे. जांचकर्ताओं को संदेह है कि हमला बहुत जल्द किया जाने वाला था.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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