UP Politics: लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हिंदू होने पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें रक्षाबंधन पर बहन प्रियंका गांधी से राखी बंधवाने की चुनौती दी है. यह टिप्पणी राहुल गांधी के मनुस्मृति और महिलाओं की स्वतंत्रता से जुड़े हालिया बयानों पर जारी राजनीतिक बहस के बीच सामने आई है.
राखी बंधवाने की दी चुनौती
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं की बात करते हैं तो उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी बहन प्रियंका गांधी से राखी बंधवाकर भाई के रूप में उनकी रक्षा का संकल्प लेते हुए दिखाई देना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी को आज तक इस तरह राखी बंधवाते हुए क्यों नहीं देखा गया. इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी के हिंदू होने पर भी सवाल उठाया.
महिलाओं की स्वतंत्रता पर भी साधा निशाना
अविमुक्तेश्वरानंद की यह टिप्पणी राहुल गांधी के महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर दिए गए बयान के संदर्भ में आई है. राहुल गांधी ने अभिनेत्री कृति सैनन का समर्थन करते हुए कहा था कि महिलाएं क्या पहनें, क्या काम करें और कहां जाएं, यह उनका अपना अधिकार है. उन्होंने महिलाओं को अपनी स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल नहीं करने की बात कही थी और ‘स्मैश द पैट्रिआर्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था.
मनुस्मृति के मुद्दे पर पहले से घिरे राहुल
राहुल गांधी इससे पहले मनुस्मृति के संदर्भ में दिए गए बयान को लेकर बीजेपी नेताओं के निशाने पर हैं. महाराष्ट्र में छात्राओं से संवाद के दौरान उन्होंने मनुस्मृति की मानसिकता और पितृसत्ता की आलोचना की थी. राहुल ने कहा था कि महिलाएं अपने पिता, पति या पुत्र के अधीन नहीं, बल्कि स्वयं के अधीन हैं. उनके इस बयान को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन पर हमला बोला.
राजनीतिक बयानबाजी ने पकड़ा जोर
हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर महिला अधिकारों की बात को हिंदू धर्म पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. वहीं योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए राहुल गांधी से जिम्मेदार और सकारात्मक भूमिका की अपेक्षा है. इस पूरे विवाद के बीच अविमुक्तेश्वरानंद की रक्षाबंधन वाली चुनौती ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को एक नया मुद्दा दे दिया है.
Also Read: एक लाख नौकरी के ऐलान पर मायावती ने उठाए सवाल, योगी सरकार से की 30 हजार स्कूल खोलने की मांग
