प्रयागराज में ‘लव जिहाद 2.0’ का खुलासा! दलित किशोरी को ब्रेनवॉश कर आतंकी मिशन में झोंकने की कोशिश

Prayagraj Latest News: प्रयागराज की दलित किशोरी को बहला-फुसलाकर दिल्ली होते हुए केरल ले जाया गया, जहां उस पर मतांतरण और जिहादी गतिविधियों में शामिल होने का दबाव डाला गया. पुलिस ने सरगना दरकशा बानो और सहयोगी कैफ को गिरफ्तार कर आतंकी एंगल की जांच शुरू की है.

Prayagraj Latest News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में ‘केरल फाइल्स’ फिल्म जैसी एक साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. फूलपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक अनुसूचित जाति की किशोरी को केरल ले जाकर मतांतरण और आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की गई. इस मामले में पुलिस ने महिला सरगना दरकशा बानो और उसके सहयोगी मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार किया है. दोनों के खिलाफ अपहरण, धमकी, जातिसूचक गालियां, यौन उत्पीड़न और देशद्रोह जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है.

बड़ा नेटवर्क संचालित करती है दरकशा बानो

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दरकशा बानो एक संगठित गिरोह की सरगना है, जो गरीब और अनुसूचित जाति की लड़कियों को पैसे का लालच देकर बहकाने का काम करती है. पहले उन्हें दिल्ली ले जाया जाता है, फिर वहां से केरल में आतंकी संगठनों के संपर्क में लाया जाता है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह देशविरोधी संगठनों के लिए ब्रेनवॉश की गई लड़कियों की भर्ती करता है और उन्हें मतांतरण के लिए बाध्य करता है.

कैसे हुआ खुलासा: किशोरी ने दिखाई बहादुरी

किशोरी के परिवार का कहना है कि आरोपी कैफ उसे बाइक पर प्रयागराज जंक्शन तक लेकर गया, रास्ते में उसने अश्लील हरकतें कीं. इसके बाद वह लड़की को दरकशा बानो के हवाले कर भाग गया. दरकशा पहले किशोरी को दिल्ली, फिर केरल ले गई, जहां उसे कुछ संदिग्ध लोगों से मिलवाया गया और मतांतरण के लिए दबाव बनाया गया.

जब किशोरी को ‘जिहाद’ के लिए उकसाने की कोशिश की गई, तो उसने घबराकर वहां से भागने का साहस किया. स्टेशन पर पहुंचने पर पुलिस ने उसकी हालत देखकर पूछताछ की, जिसमें पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ.

आतंकी कनेक्शन की जांच में जुटी एजेंसियां

प्रयागराज पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया है. डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि इस गिरोह का आतंकी कनेक्शन भी सामने आ सकता है. जिन नंबरों से परिवार को धमकियां दी गईं, और जिन माध्यमों से किशोरी को दिल्ली के त्रिनगर कैंप तक ले जाया गया, उन सभी की जांच की जा रही है.

सुरक्षा एजेंसियों ने दरकशा बानो के नेटवर्क, सोशल मीडिया अकाउंट्स, कॉल रिकॉर्ड्स और मोबाइल डिवाइसेज की डिजिटल फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है. साथ ही इस बात की भी जांच चल रही है कि दरकशा और उसका गिरोह इससे पहले कितनी लड़कियों को अपना शिकार बना चुके हैं.

गिरफ्तारियों के बाद और खुलासों की उम्मीद

प्रयागराज पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां होंगी और कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं. फिलहाल मोहम्मद कैफ और दरकशा बानो से लंबी पूछताछ की जा रही है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है, जो देशभर में इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं.

एक चौंकाने वाला और खतरनाक ट्रेंड

यह मामला केवल एक लड़की के जीवन से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह समाज के उस खतरनाक ट्रेंड की तरफ भी इशारा करता है, जिसमें विशेष समुदाय की युवतियों को मानसिक रूप से प्रभावित कर कट्टरपंथ की तरफ धकेला जा रहा है. यह घटना सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है कि मतांतरण और कट्टरपंथी एजेंडों के नाम पर मासूम जिंदगियों से खेला जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhishek singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >