UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 26,315 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है. यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे के अंतिम छोर से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र तक जाएगा. सरकार का मानना है कि इस परियोजना से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही लोगों को तेज, सुरक्षित और बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा.
प्रयागराज से सोनभद्र का सफर होगा आधा
इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद प्रयागराज से सोनभद्र की यात्रा का समय मौजूदा करीब साढ़े छह घंटे से घटकर लगभग सवा तीन घंटे रह जाएगा. इतना ही नहीं, यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमाओं से भी बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगा. परियोजना को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
26,315 करोड़ रुपये की होगी कुल लागत
सरकार के अनुसार विंध्य एक्सप्रेसवे को 6 लेन के रूप में बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा. इसके निर्माण कार्य पर 18,514 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि 4,613 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे. पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 26,315 करोड़ रुपये तय की गई है.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा सीधा संपर्क
कैबिनेट ने विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है. यह 117 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड 6-लेन एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. यह लिंक मिर्जापुर के जरिए विंध्य एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा और गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौलीजिलों को बेहतर सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराएगा. इस परियोजना की अनुमानित लागत 9,039 करोड़ रुपये है, जिसमें निर्माण और भूमि अधिग्रहण दोनों शामिल हैं.
9,039 करोड़ रुपये में बनेगा लिंक एक्सप्रेसवे
विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक परियोजना की कुल अनुमानित लागत 9,039 करोड़ रुपये रखी गई है. इसमें 5,628 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च होंगे, जबकि 1,731 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण पर करीब 3,379 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. परियोजना पूरी होने के बाद पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच आवागमन और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
मेधावी छात्राओं को मिलेगी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ
कैबिनेट बैठक में सड़क परियोजनाओं के साथ शिक्षा से जुड़ा भी बड़ा फैसला लिया गया. सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक की पढ़ाई कर रही मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का निर्णय लिया है. इस योजना का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम है. प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय की शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को इस योजना के तहत स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी.
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