आकाशीय बिजली बनी काल: मां-बाप और दो मासूम बेटियों की मौत, दो बेटियां रह गईं अनाथ

Prayagraj News: बारा थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. दंपती और उनकी दो मासूम बेटियां चारपाई पर सोते समय जिंदा जल गए. दो बेटियां दादा के पास होने से बच गईं. प्रशासन ने आर्थिक मदद का ऐलान किया.

Prayagraj News: बारा थाना क्षेत्र के सोनवर्षा हल्लाबोल गांव में सोमवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. एक ही परिवार के चार लोग बिजली गिरने से जलकर मौत के शिकार हो गए. वीरेंद्र वनवासी (35), पत्नी पार्वती (32), बेटियां राधा (3) और करिश्मा (2) चारपाई पर सो रहे थे कि अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और सब कुछ राख हो गया.

राख बन गई मड़ई और जीवन, देखने वालों की रुह कांप गई

घटना इतनी भयावह थी कि मड़ई और चारपाई समेत चारों के शव पूरी तरह जलकर काले हो गए. शवों की हालत देख ग्रामीणों की आंखें भर आईं. एक ही झटके में पूरे परिवार का अंत हो गया. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

दादा के पास होने से बच गईं दो बेटियां

वीरेंद्र और पार्वती की कुल चार बेटियां थीं। दो बेटियां—सोन कुमारी (8) और आंचल (6)—अपने दादा के पास घर के अंदर सो रही थीं, जिससे उनकी जान बच गई. यह देख ग्रामीणों ने इसे चमत्कार बताया.

सरकार की ओर से राहत, मासिक सहायता का ऐलान

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम संदीप तिवारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.

₹3 लाख की आर्थिक मदद

एक आवास

दो बची बेटियों को बालिग होने तक ₹4,000 प्रतिमाह

अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा

प्रशासन मौके पर, जांच जारी

स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे. मुआयना किया और रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी गई. पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह प्राकृतिक दुर्घटना है, लेकिन हर पहलू की जांच की जा रही है.

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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