UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आगरा में आयोजित समाजवादी पार्टी की मंडलीय संगठनात्मक बैठक विवादों में घिर गई. बैठक के दौरान मथुरा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के पूर्व जिलाध्यक्ष राघवेंद्र तोमर के बीच कहासुनी हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की नौबत आ गई. राघवेंद्र तोमर ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट की गई, जबकि जिलाध्यक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंच चुकी है.
संगठनात्मक बैठक के दौरान बढ़ा विवाद
बुधवार को आगरा स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद की संयुक्त संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई थी. बैठक की अध्यक्षता पार्टी सांसद सनातन पांडेय कर रहे थे. इसी दौरान किसी मुद्दे पर मथुरा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और पूर्व यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष राघवेंद्र तोमर के बीच बहस शुरू हो गई. कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और बैठक के बीच हंगामे की स्थिति बन गई.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. वीडियो में राघवेंद्र तोमर नाराजगी जताते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं, "जिलाध्यक्ष हो तो क्या थप्पड़ मारोगे, गाली दोगे. यादव हो गए तो क्या पार्टी को खत्म कराओगे?" इस दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ता उन्हें शांत कराने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी के भीतर भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
राघवेंद्र तोमर ने लगाए थप्पड़ मारने और पिटवाने के आरोप
राघवेंद्र तोमर का आरोप है कि बैठक के दौरान यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव भारत भूषण शर्मा ने जिलाध्यक्ष से शिकायत की थी कि संगठन की सूचनाएं कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंच रही हैं. उन्होंने भी इस शिकायत का समर्थन किया. राघवेंद्र का कहना है कि इसी बात से नाराज होकर वीरेंद्र यादव ने उन्हें थप्पड़ मारा, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अपने साथियों से भी उनके साथ मारपीट कराई. घटना के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उन्होंने बताया कि सांसद सनातन पांडेय अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेने भी आए थे. इस पूरे मामले की शिकायत उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से की है.
ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारियों के बीच हुआ घटनाक्रम
समाजवादी पार्टी 6 अगस्त को जनेश्वर मिश्र की जयंती पर प्रस्तावित ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारी कर रही है. इसी सिलसिले में आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद की जिला इकाइयों की संयुक्त बैठक बुलाई गई थी. बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करना था, लेकिन इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच हुआ विवाद चर्चा का विषय बन गया.
वीरेंद्र यादव ने आरोपों को बताया निराधार
मथुरा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि उनका राघवेंद्र तोमर के साथ किसी प्रकार का विवाद या मारपीट नहीं हुई. उनके मुताबिक, राघवेंद्र की कहासुनी पार्टी कार्यकर्ता राहुल और विनोद से हुई थी और वह केवल बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंचे थे. उस समय आगरा के जिलाध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा भी उनके साथ मौजूद थे. उन्होंने कहा कि बैठक समाप्त होने के बाद वह सांसद सनातन पांडेय के साथ वहां से निकल गए थे. बाद में क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. वीरेंद्र यादव ने बताया कि पूरे मामले से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है और अनुशासन से जुड़े किसी भी निर्णय का अधिकार नेतृत्व के पास है.
-कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
