PM Surya Ghar Yojana : सौर ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, जानें कैसे फायदा उठा रहे हैं लोग

PM Surya Ghar Yojana : किसानों, छोटे व्यवसायियों और आम परिवारों को बड़ी राहत इस योजना से मिली है. अब तक 2.75 लाख से अधिक घरों की छतों पर सोलर संयंत्र स्थापित किया गया है.

PM Surya Ghar Yojana : उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति देखने को मिल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर योजना ने प्रदेश के लाखों परिवारों के जीवन में आर्थिक और ऊर्जा आधारित दोहरी राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है, जिसके चलते यूपी आज रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य बन चुका है। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है.

2.75 लाख से अधिक घरों पर सोलर संयंत्र—ऊर्जा निर्भरता में भारी कमी

अधिकृत आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा

चुके हैं. इससे:

*हजारों उपभोक्ता मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं

*बिजली आपूर्ति पर निर्भरता घटी है

*ग्रिड पर बोझ कम हुआ है

*गांव-देहात में ऊर्जा उपलब्धता बढ़ी है

रूफटॉप स्थापना में यूपी गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में प्रदेश दूसरे स्थान पर आता है, जो इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है.

छोटे व्यवसायों की रफ्तार बढ़ी—अब बिजली कटौती नहीं रोकती काम
योजना का सबसे बड़ा और सकारात्मक प्रभाव छोटे उद्यमों पर देखा जा रहा है. पहले जहां बिजली कटौती से छोटे उद्योगों का काम थम जाता था, वहीं अब सौर ऊर्जा ने उन्हें स्थिरता दी है.

सबसे अधिक लाभान्वित श्रेणियां:

*वेल्डिंग वर्कशॉप

*आटा चक्की

*नाई की दुकान

*किराना स्टोर

*मोबाइल रिपेयरिंग

*सिलाई-कढ़ाई से जुड़े उद्योग

लगातार बिजली उपलब्ध रहने से:

*आय में स्थिरता

*उत्पादन क्षमता में वृद्धि

*ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी

*रोजगार अवसरों में सुधार

*छोटे उद्योगों में यह ऊर्जा क्रांति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है।

परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत—15–20% मासिक खर्च कम

सोलर संयंत्र लगने के बाद हजारों परिवारों का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है. इसके परिणामस्वरूप:
मासिक खर्च में 15–20% की बचत हुई. बढ़ी हुई बचत से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, गृह सुधार,
भविष्य की बचत के अलावा निवेश संभव हुआ.

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह योजना आत्मनिर्भरता का मार्ग खोल रही है.

₹1,808.09 करोड़ सब्सिडी का वितरण—विश्वास बढ़ा, रफ्तार दोगुनी

31 अक्टूबर तक प्रदेश में ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है. इससे:

*लोगों का विश्वास बढ़ा
*नए आवेदन तेज हुए
*स्थापना की गति में तेजी आई
*कंपनियों की भागीदारी भी बढ़ी
सब्सिडी का सीधे लाभार्थियों के खाते में जाना योजना की पारदर्शिता को मजबूत करता है.

लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली बने मॉडल जिले

इन चार जिलों में सोलर रूफटॉप स्थापना सबसे तेज रफ्तार से हुई है. जिला स्थापित यूनिट्स

*लखनऊ 4,271
*वाराणसी 1,672
*कानपुर नगर 1,410
*बरेली 1,145

इन जिलों में कुल 8,000 से अधिक यूनिट्स स्थापित होने के बाद यह योजना अन्य जिलों में भी तेजी पकड़ चुकी है.

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

पीएम सूर्य घर योजना ने यूपी में एक नई ऊर्जा संस्कृति विकसित की है, जहां:
*सौर ऊर्जा पर बढ़ती निर्भरता
*लागत में भारी कमी
*पर्यावरणीय लाभ
*ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बढ़ना
राज्य सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में सोलर रफ्तार को दोगुना करने का है.

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लेखक के बारे में

Published by: Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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