UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार प्रदेश में जनसभाएं कर रहे हैं. इसी चुनावी अभियान के दौरान उन्होंने लखनऊ के रिजवान से जुड़ी पुरानी मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और कथित गौरक्षक हिंसा पर सवाल उठाए. ओवैसी ने अपने भाषण में इस घटना को मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में सामने रखा.
मंच से बोले- ‘गौरक्षक नहीं, ये राक्षस हैं’
ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि रिजवान को सड़क पर रोककर उसके साथ मारपीट की गई और उस पर मांस ले जाने का आरोप लगाया गया. उन्होंने रिजवान के अस्पताल से जारी कथित वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें रिजवान ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया था. इसी संदर्भ में ओवैसी ने कथित गौरक्षकों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इन्हें गौरक्षक नहीं, बल्कि ‘राक्षस’ कहा जाना चाहिए.
चुनावी माहौल में पुराने मामले की फिर एंट्री
ओवैसी ने इसे मौजूदा चुनावी अभियान के दौरान उठाया है. एआईएमआईएम इस समय उत्तर प्रदेश में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने के लिए लगातार जनसभाएं कर रही है. पार्टी ने जून में बहराइच से 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू किया था और इसके बाद कई जिलों में कार्यक्रम किए हैं.
ओवैसी के निशाने पर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक दल
रिजवान प्रकरण के जरिए ओवैसी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों को चुनावी बहस में रखने की कोशिश की. हाल की सभाओं में वह भाजपा के साथ-साथ समाजवादी पार्टी पर भी सवाल उठा रहे हैं और विपक्षी दलों के साथ संभावित गठबंधन को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं. एआईएमआईएम ने यूपी चुनाव को लेकर संगठन विस्तार भी तेज किया है.
2027 से पहले ओवैसी का यूपी पर फोकस
ओवैसी के लगातार यूपी दौरे और जनसभाओं को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी ने कई मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने पर जोर दिया है और गठबंधन की संभावना भी खुली रखी है. ऐसे में रिजवान जैसे पुराने मामलों को चुनावी मंच से उठाना ओवैसी के मौजूदा राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है. यह भी देखें: ‘भैया आ रहे हैं...’ ओवैसी ने अखिलेश यादव पर दागा सवाल, मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र होते ही कानपुर में छिड़ी नई सियासी बहस
