Kanpur Crime News: कानपुर के बर्रा क्षेत्र में रविवार दोपहर 55 वर्षीय रिटायर्ड फौजी रामबाबू राजपूत की गोली लगने से मौत हो गई. वह दामोदरनगर में परिवार के साथ रहते थे और करीब 13 साल पहले सेना से रिटायर हुए थे. वर्तमान में वह कानपुर देहात के पुखरायां स्थित स्टेट बैंक की शाखा में गार्ड की नौकरी कर रहे थे. बेटे सूरज के मुताबिक, घटना से पहले रामबाबू ने उससे डोसा और पानी के बताशे ऑनलाइन मंगवाने को कहा था. कुछ ही देर बाद कमरे से गोली चलने की आवाज आई.
कमरे में खून से लथपथ मिले रामबाबू
गोली की आवाज सुनकर बेटा सूरज अपनी मां के साथ ऊपर कमरे में पहुंचा तो रामबाबू खून से लथपथ पड़े थे. पड़ोसियों की मदद से उन्हें हैलट अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों के अनुसार गोली लगने से उनके सिर और जबड़े में गंभीर चोट आई थी. रामबाबू की पत्नी संतोषी, बेटी नेहा और इकलौता बेटा सूरज हैं. बेटे ने बताया कि उनके पिता पिछले कुछ दिनों से अवसाद में थे.
कागज-पेन मंगवाने की बात से बढ़ा आत्महत्या का शक
सूरज ने बताया कि घटना से पहले रामबाबू ने उससे सादा कागज और पेन लाने को कहा था. वह कागज और पेन निकाल ही रहा था, तभी गोली चलने की आवाज आई. इसी वजह से पुलिस को मामले में आत्महत्या का शक है. हालांकि, परिजनों का कहना है कि रामबाबू बंदूक की सफाई कर रहे थे और उसी दौरान गोली चल गई. बर्रा थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, घटना की जांच की जा रही है और आत्महत्या की बात भी सामने आई है.
रिटायर्ड फौजी होने से उठे सवाल
रामबाबू के पास दोनाली बंदूक थी. पुलिस और परिजनों के सामने घटना की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं. परिजन इसे बंदूक की सफाई के दौरान हुआ हादसा बता रहे हैं, जबकि पुलिस आत्महत्या की आशंका से जांच कर रही है. रामबाबू सेना से रिटायर थे और हथियारों के रखरखाव से परिचित थे, इसलिए घटना की परिस्थितियां भी जांच का अहम हिस्सा बनी हुई हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
