UP Politics: भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान करते हुए उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता कुंवर बासित अली को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कुंवर बासित अली को 'भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा' का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस महत्वपूर्ण पद पर उनका चयन पार्टी में उनके लंबे सांगठनिक अनुभव और अल्पसंख्यक समाज के बीच किए गए बेहतरीन कार्यों का नतीजा माना जा रहा है.
जमीनी स्तर पर काम करने वाले जुझारू नेताओं में होती है बासित अली की गिनती
कुंवर बासित अली मूल रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं और अब तक प्रदेश में पार्टी संगठन की रीढ़ समझे जाते रहे हैं. इससे पूर्व उन्होंने उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के पद को बखूबी संभाला था. इस दौरान उन्होंने 'कौमी चौपाल', 'सूफी सम्मेलन', 'मोदी मित्र' अभियान और मदरसों-दरगाहों में योग जैसे अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से मुस्लिम एवं पसमांदा समाज को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
अल्पसंख्यक समुदाय को मुख्यधारा और पार्टी की नीतियों से जोड़ने का मिला इनाम
उत्तर प्रदेश में मिली अपार सफलता के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने बासित अली के जमीनी और सांगठनिक कौशल पर पूर्ण भरोसा जताया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न चुनावों में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों तथा पसमांदा समाज के बीच जाकर केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया था. इसी समर्पण और परिणाम देने की क्षमता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें अब पूरे देश में अल्पसंख्यक मोर्चे का नेतृत्व करने का दायित्व दिया है.
राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने से उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
बासित अली की इस बड़ी नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में अत्यंत खुशी की लहर है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी अब देश भर के अल्पसंख्यक समाज, विशेषकर मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने की होगी. वह केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और पार्टी की नीतियों को राष्ट्रव्यापी स्तर पर प्रत्येक घर तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करेंगे.
Must Read: 11 दिन, 75 जिले और 1,559 दिव्यांगों की बदली किस्मत: जानिए UP सरकार के इस मेगा अभियान की सफलता!
