Murder of Chicken : मुर्गे की हत्या! दो लोगों पर केस दर्ज

Murder of Chicken : मुर्गे पर ईंट-पत्थर से हमला करके मारना महंगा पड़ गया. मामले में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

Murder of Chicken :  बलिया जिले के पकड़ी क्षेत्र में एक अजीब मामला देखने को मिला. यहां जमीन विवाद की रंजिश के चलते एक मुर्गे को ईंट-पत्थर से प्रहार कर मार डाला गया. इसके बाद मामले में दो लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने खबर दी है. दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया गया है कि पकड़ी थाना क्षेत्र के गढ़मलपुर गांव में जमीन के विवाद को लेकर गत 21 मार्च की सुबह आरती देवी नामक महिला के देशी मुर्गे पर ईंट-पत्थर से प्रहार किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई.

सूत्रों ने बताया कि आरती देवी का आरोप है कि जब उसने इस घटना के बारे में आरोपियों से पूछा तो उन्होंने उसकी भी पिटाई की. इस मामले में आरती देवी की तहरीर पर सूरज राम और शीला देवी नामक आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 (किसी जानवर को मारना), 115-2(जानबूझकर चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने की इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 351-3 (किसी व्यक्ति को जान से मारने या उसे गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी देना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

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अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. इसके बाद आगे कर कार्रवाई की जाएगी. मामला प्रकाश में आने के बाद पूरे इलाके मेंं इसकी चर्चा जोरों से हो रही है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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