मुख्यमंत्री योगी से मिलीं सपा की चायल विधायक पूजा पाल

चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात कि एवं अपने कार्यक्षेत्र के बारे में अवगत कराया. मुख्यमंत्री ने पूजा पाल को अपने कार्यक्षेत्र में जनता के बीच रहते हुए विकास कार्य एवं सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों को देखने को कहा और इससे यह भी क़यास लगाया जा सकता है कि आने वाले चुनाव में पूजा पाल भाजपा की उम्मीदवारी पर चुनाव लड़ सकती है.

चायल से विधायक पूजा पाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की.लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर सोमवार को तकरीबन 30 मिनट तक की इस मुलाकात में विधायक पूजा पाल ने अपने कार्यक्षेत्र के बारे में जानकारी दी. पूजा पाल ने “प्रभात खबर” के माध्यम से बताया कि मुख्यमंत्री योगी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया एवं मुख्यमंत्री जी ने क्षेत्र में जनता के बीच रहकर विकास कार्याें व योजनाओं से जुड़े कार्यों को देखने को भी कहा है. बता दें कि पूजा पाल कौशांबी के चायल विधानसभा सीट से 2022 विधानसभा चुनाव में विधायक चुनी गई.फूलपुर के विधानसभा उपचुनाव व लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के लिए बढ़चढ़ कर प्रचार-प्रसार भी किया.

पूजा पाल ने योगी आद‍ित्‍यनाथ को बताया था अपना भाई

पूजा पाल ने फरवरी में राज्यसभा सदस्य चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी को वोट द‍िया था. उन्‍होंने कहा था, ”प्रयागराज में वर्षों तक आतंक का गढ़ रहा है.मेरे विधायक पति की सरेआम बीच सड़क हत्या कर दी गई.मैने उन्हें न्याय दिलाने के लिए वर्षों तक प्रतीक्षा की.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया का अंत करके मुझे न्याय दिलाया है.और यह साबित कर दिखाया कि भाजपा के सरकार में हर माफियाओं का इलाज है.

पूजा पाल का इतिहास

प्रयागराज के कटघर मोहल्ले की मूल निवासी पूजा पाल का विवाह जनवरी 2005 में शहर पश्चिमी के तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल से हुआ था. शादी के 11वें दिन ही राजू पाल की बीच सड़क गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.पूजा ने साहस रखते हुए अतीक और अशरफ के खिलाफ मुकदमा लिखाया था.उस समय बसपा प्रमुख मायावती प्रयागराज आईं थीं और पूजा पाल के आंसू पोछते हुए उन्हें टिकट दिया था और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था. इसी सीट पर उपचुनाव हुआ तो बसपा ने पूजा पाल को उम्मीदवार बनाया, लेकिन तब पूजा पाल को अशरफ से हार का सामना करना पड़ा था. फिर 2007 के विधानसभा चुनाव में वह शहर पश्चिम से पहली बार बसपा की विधायक चुनी गईं.इसके बाद उन्होंने 2012 में दोबारा इसी सीट पर जीत दर्ज की. लेकिन, 2017 में उन्हें भाजपा की लहर में सिद्धार्थनाथ सिंह के सामने हार झेलनी पड़ी.फिर उन्होंने सपा का दामन थाम लिया था. और 2022 में चायल विधानसभा सीट से सपा से विधायक चुनी गई.

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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