इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर फर्जी पुलिस दफ्तर में बुलाकर करते थे हनीट्रैप और वसूली, जानिए ब्लैकमेल का पूरा खेल

UP News: मेरठ में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर, खुद को पुलिस अफसर बताकर लोगों को हनीट्रैप में फंसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो फर्जी मुकदमे और जेल का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे.

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर प्यार का झांसा और उसके बाद नकली पुलिस अफसर बनकर ब्लैकमेल... यही था इस शातिर गिरोह का तरीका. आरोपी युवकों को फर्जी मुकदमे, जेल और एनकाउंटर का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे. हालांकि एक पीड़ित की शिकायत ने पूरे गिरोह की पोल खोल दी और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.

पीड़ित की शिकायत के बाद खुला पूरा खेल

मेरठ के रिठानी निवासी नीरज पाल ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई कि शशांक शर्मा, राहुल, आकाश और उनके दो अन्य साथियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनसे दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी. आरोपियों ने दबाव बनाकर उनसे 10 हजार रुपये ऑनलाइन भी ट्रांसफर करा लिए. शिकायत मिलते ही ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल पाल (25 वर्ष, निवासी रिठानी) और आकाश (20 वर्ष, निवासी पुट्ठा, थाना टीपीनगर) के रूप में हुई है.

नकली पुलिस ऑफिस से मिला हैरान करने वाला सामान

पुलिस की छापेमारी में ऐसा सामान मिला जिसे देखकर पहली नजर में कोई भी इसे असली पुलिस कार्यालय समझ सकता था. आरोपियों के पास से बिना नंबर प्लेट की एक कार और अतिरिक्त नंबर प्लेट, दो मोबाइल फोन, टेलीफोन, लैपटॉप, टैबलेट, कैलकुलेटर, फोन-पे रिसीवर बॉक्स, वॉकी-टॉकी सेट, पुलिस अधिकारियों के नाम की मोहरें और नेम प्लेट, कई फर्जी प्रार्थना पत्र, फाइलें, क्राइम रजिस्टर, एफआईआर रजिस्टर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए.

ऐसे जाल में फंसाते थे युवक

पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर या लड़की बनकर युवकों से दोस्ती करते थे. बातचीत बढ़ने के बाद न्यूड वीडियो कॉल या अश्लील चैट के जरिए उन्हें अपने जाल में फंसाया जाता था. इसके बाद मिलने के बहाने उन्हें मोहकमपुर स्थित एक फर्जी पुलिस कार्यालय में बुलाया जाता था. वहां पहले से तैयार माहौल देखकर पीड़ित घबरा जाते थे. नकली सीओ, दरोगा और सिपाही बने आरोपी उन पर गंभीर मुकदमे दर्ज करने, जेल भेजने और एनकाउंटर कराने की धमकी देकर लाखों रुपये की उगाही करते थे.

पुलिस की कार्रवाई जारी

एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.

हनीट्रैप गैंग का हुआ पर्दाफाश

पुलिस का कहना है कि यह मामला किसी फर्जी पुलिस चौकी चलाने का नहीं, बल्कि हनीट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने वाले संगठित गिरोह का है. आरोपी नकली पुलिस अधिकारी बनकर लोगों में डर पैदा करते थे और उसी डर का फायदा उठाकर उनसे पैसे ऐंठते थे.

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By Lucky Kumari

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