MayawatiMayawati Akash Anand Phone Call: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद के बीच विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. मायावती ने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों पर सफाई दी और इसके पीछे पार्टी से निकाले गए लोगों को जिम्मेदार ठहराया. इसी दौरान उन्होंने आकाश आनंद के एक फोन कॉल का जिक्र किया. मायावती के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10:04 बजे आकाश आनंद ने पार्टी प्रभारी आलोक कुमार को फोन कर पूछा कि क्या बहनजी बीमार हैं. मायावती ने कहा कि आलोक कुमार ने उन्हें बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपना काम कर रही हैं.
आकाश ने फोन पर क्या पूछा?
मायावती ने दावा किया कि आकाश आनंद ने आलोक कुमार से उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली थी. उन्होंने यह भी कहा कि आकाश ने कथित तौर पर आलोक कुमार से यह बात मायावती को न बताने के लिए कहा. मायावती ने इसी बातचीत को गंभीर बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर उनकी बीमारी को लेकर ऐसी जानकारी क्यों ली जा रही थी. हालांकि, फोन पर हुई इस बातचीत को लेकर सामने आया विवरण मायावती के बयान पर आधारित है.
मायावती बोलीं- आकाश अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे
मायावती ने आकाश आनंद पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वह अभी भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश अपने ससुर और पूर्व बसपा नेता अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम कर रहे हैं. मायावती ने यह भी कहा कि उनकी नीयत सही हो सकती है, लेकिन वह जिस तरह काम कर रहे हैं, वह गंभीरता से सोचने वाली बात है.
‘मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं’, कार्यकर्ताओं को किया अलर्ट
मायावती ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से उनकी सेहत को लेकर फैल रही बातों पर विश्वास नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी के काम को लेकर सक्रिय हैं. उनके मुताबिक, पिछले एक-दो दिनों से यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि वह काफी बीमार हैं और इसी वजह से सोशल मीडिया पर बड़े मुद्दों पर बयान दे रही हैं. मायावती ने कहा कि वह खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर रही हैं ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं में किसी तरह का भ्रम न रहे.
BSP में क्यों बढ़ा विवाद?
दरअसल, आकाश आनंद को लेकर मायावती के रुख में हाल के दिनों में बड़ा बदलाव आया है. 3 सितंबर को आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक के पद से हटाया गया. इसके बाद 7 सितंबर को उनके छोटे भाई ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन बाद में मायावती ने ईशान से भी यह जिम्मेदारी वापस ले ली. इसके बाद मायावती ने स्पष्ट किया कि उनके भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे को भविष्य में पार्टी में राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा.
अशोक सिद्धार्थ के बाद भी आकाश पर नाराजगी
आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने हाल ही में राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी. इससे पहले मायावती ने संकेत दिया था कि आकाश को पार्टी में जिम्मेदारी तभी दी जा सकती है, जब अशोक सिद्धार्थ राजनीति से दूर हो जाएं. अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद भी मायावती ने आकाश को पार्टी से पूरी तरह अलग कर दिया. इसके बाद अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से आकाश के काम करने के तरीके और उनकी सेहत से जुड़ी कथित पूछताछ पर सवाल उठाए हैं.
BSP में संगठन का नया ढांचा
मायावती ने पार्टी के संगठनात्मक बदलाव की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 3 सितंबर की बैठक में BSP को तीन सेक्टर में बांटने का फैसला किया गया था. पहले सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है, जिसकी निगरानी वह खुद कर रही हैं. अन्य राज्यों को दो और सेक्टरों में बांटा गया है. साथ ही मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद समाप्त कर दिया गया है. दोनों अन्य सेक्टरों की समीक्षा पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार करेंगे और करीब डेढ़ महीने में रिपोर्ट देंगे.
अब सवाल- आकाश के बाद BSP में किसे मिलेगी जगह?
आकाश आनंद के पार्टी से बाहर होने और ईशान आनंद को भी जिम्मेदारी से हटाए जाने के बाद बसपा में नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है. मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के बेटों को राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं देने की बात साफ कर दी है. वहीं, उन्होंने जरूरत पड़ने पर अपनी भतीजी दीपिका आनंद को संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना का संकेत दिया है. ऐसे में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा में यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है.
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