उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित सागर सराय की कुटिया वाली गली में शनिवार तड़के एक मोमबत्ती के गोदाम में भीषण आग लग गई. राजन अग्रवाल की इस फैक्ट्री और गोदाम में रखी ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया. देखते ही देखते गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें और काला धुआं उठने लगा. आग की तेज तपिश और धुआं आसपास के मकानों तक पहुंचते ही पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और दहशत में आए लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए.
पुलिस ने एहतियातन खाली कराए आसपास के मकान, बाहर निकाले गए सिलेंडर
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया. आग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास के सभी मकानों को खाली करा दिया. बड़ा हादसा टालने के लिए घरों में रखे गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकलवाया गया. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, जहां लोग करीब तीन घंटे तक सड़क पर बैठकर आग पर काबू पाए जाने का इंतजार करते दिखाई दिए.
आग बुझाने के लिए छह जिलों से बुलाई गईं 12 दमकल गाड़ियां
आग पर काबू पाने के लिए मुरादाबाद के अलावा पड़ोसी जिलों से भी मदद ली गई. रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर और बरेली से दमकल गाड़ियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया. लगभग दस से बारह दमकल वाहनों ने चारों तरफ से पानी की बौछारें शुरू कीं. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग को आसपास की रिहाइशी इमारतों में फैलने से रोका. पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया.
तीन घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू, नुकसान का लगाया जा रहा आकलन
करीब तीन घंटे की भारी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर लगभग पूरी तरह से काबू पा लिया. हालांकि, गोदाम के अंदर दोबारा आग भड़कने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक पानी का छिड़काव जारी रखा गया. क्षेत्र में भीड़ को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के मुख्य कारणों और इससे हुए कुल आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद जांच में किया जाएगा.
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